बोकारो : बोकारो में जमा देने वाली ठंड का दौर शुरू हो गया है. शीतलहर कहर बरपा रही है. हालात ऐसे हैं कि सिर से लेकर पांव तक ढंके रहने के बाद भी कंपकपी लग ही रही है. गुरुवार को न्यूनतम तापमान 08 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. लेकिन अनुभव शून्य का हो रहा था. हवा मानो अपने साथ बर्फ की ठंडक लेकर आ रही हो. शरीर के हवा से संपर्क होने पर हिमयुगी एहसास हो रहा था. कनकनी का आलम यह था कि लोग पूरे दिन स्वेटर-मफलर पहने रहने पर विवश दिखे.
‘जमीन’ पर तापमान, ठंड ‘आसमान’ पर
बोकारो : बोकारो में जमा देने वाली ठंड का दौर शुरू हो गया है. शीतलहर कहर बरपा रही है. हालात ऐसे हैं कि सिर से लेकर पांव तक ढंके रहने के बाद भी कंपकपी लग ही रही है. गुरुवार को न्यूनतम तापमान 08 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. लेकिन अनुभव शून्य का हो रहा था. […]

सुबह कुहासा, दोपहर कनकनी, शाम शीतलहर : शहर की सुबह कुहासा भरी रही. कुहासा का असर ऐसा कि कुछ मीटर देखना भी मुश्किल था. समय के साथ कुहासा जरूर हट गया, लेकिन कनकनी पूरे दिन लोगों को परेशान की. दोपहर में भी कनकनी कड़ाके की ठंड का अहसास करा रही थी. शाम होते-होते फिर से शीतलहर का प्रकोप से लोगों का सामना हुआ. सूर्यास्त के बाद तो स्थिति विषम होने लगी. मानों हवा की रफ्तार हर बीतते पल के साथ बढ़ रही हो. लोग घर जाने की हड़बड़ी में दिखें.