जिले में खुलने थे 12 जन औषधि केंद्र, खुले तीन, वे भी दवा विहीन

बोकारो : केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का बोकारो में खास्ता हाल है. सरकारी घोषणा के बावजूद बोकारोमें केंद्र खोलने के लिए फार्मासिस्ट दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं. दूसरी ओर सरकारी चिकित्सक भी जेनरिक दवा लिखने से परहेज कर रहे हैं. सिविल सर्जन डॉ एके पाठक ने शनिवार को जेनरिक […]

बोकारो : केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का बोकारो में खास्ता हाल है. सरकारी घोषणा के बावजूद बोकारोमें केंद्र खोलने के लिए फार्मासिस्ट दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं. दूसरी ओर सरकारी चिकित्सक भी जेनरिक दवा लिखने से परहेज कर रहे हैं.

सिविल सर्जन डॉ एके पाठक ने शनिवार को जेनरिक दवा लिखने को लेकर सरकारी चिकित्सकों के लिए विशेष निर्देश जारी किया है. जेनरिक दवा नहीं लिखने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई की बात कही है. डेढ़ साल पूर्व बोकारो के हर प्रखंड व सरकारी अस्पतालों में कुल 12 जन औषधि केंद्र खोलने की योजना थी. अब तक मात्र तीन केंद्र ही खुले. पहला बेरमो प्रखंड के फुसरो, दूसरा बोकारो सेक्टर वन के राम मंदिर मार्केट व तीसरा कैंप दो सदर अस्पताल में संचालित है.

नावाडीह में (बोकारो टू-ड्रग इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार) के प्रयास से एक केंद्र खोला गया. कुछ दिन बाद ही संचालक ने घाटे की बात कह कर बंद कर दिया. अप्रैल 2017 में जन औषधि केंद्र का नाम बदल कर पीएम भारतीय जन औषधि केंद्र रखा गया था. ढाई वर्ष बाद भी बोकारो में न तो जन औषधि के पर्याप्त केंद्र खुले, न चिकित्सक ही अधिक मात्रा में जेनरिक दवा लिख रहे हैं.

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