सोनाबाद स्टेडियम की हो रही उपेक्षा

चास : सरकार की ओर से कमल क्लब के तहत प्रत्येक पंचायत में एक-एक स्टेडियम निर्माण करने की बात कही गयी है, लेकिन वर्तमान में जो खेल मैदान है, वह उपेक्षा के शिकार हैं. ऐसे में पंचायतों में स्टेडियम का निर्माण करना बेमानी होगी. सोनाबाद के बिनोद बिहारी महतो फुटबॉल स्टेडियम की भी उपेक्षा की […]

चास : सरकार की ओर से कमल क्लब के तहत प्रत्येक पंचायत में एक-एक स्टेडियम निर्माण करने की बात कही गयी है, लेकिन वर्तमान में जो खेल मैदान है, वह उपेक्षा के शिकार हैं. ऐसे में पंचायतों में स्टेडियम का निर्माण करना बेमानी होगी. सोनाबाद के बिनोद बिहारी महतो फुटबॉल स्टेडियम की भी उपेक्षा की जा रही है.

पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के सोनाबाद में इस स्टेडियम का निर्माण वर्ष 2002 में तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री रीता वर्मा ने लगभग साढ़े तीन लाख रुपये से करवाया था. स्टेडियम में बाउंड्री व सीढ़ीनुमा गैलरी और चार कमरे भी बनवाए गए थे. निर्माण के शुरुआती कुछ वर्षों में स्थानीय लोगों ने फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया. इसके बाद स्थानीय युवाओं की ओर से सभी खेल टूर्नामेंट का आयोजन किया जाता है, लेकिन प्रशासनिक व सरकारी सहायता प्राप्त नहीं होने के कारण यहां के खिलाड़ियों को बेहतर करने के लिए प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है. इससे ग्रामीण खिलाड़ी दूसरे जगह खेल का अभ्यास करने जाने को विवश हैं.

स्टेडियम के अंदर लगा दिया बिजली पोल : यह स्टेडियम लगभग पांच एकड़ भूमि में है. इधर हाल ही में बिजली विभाग ने स्टेडियम के अंदर ही पोल लगवा दिया गया. स्टेडियम के अंदर टावर लाइट भी लगायी गयी व गैलरी का निर्माण भी कराया गया, लेकिन टावर लाइट खराब हो गयी हैं. वहीं बाउंड्री में कई जगहें दरारें आ गयी हैं. शेड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी है. सुबह में स्टेडियम में मवेशियों का कब्जा रहता है. इसके अलावा पूरी मैदान में घास व झाड़ियां उगी हुई हैं. पानी की निकासी न होने के कारण बरसात में यहां पानी जमा हो जाता है. स्टेडियम की देखभाल के लिये कोई गार्ड की भी नियुक्ति नहीं की गयी है. वर्तमान में यह स्टेडियम जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है.

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