वेतन समझौते के लिए नयी सरकार पर टिकी निगाह

बोकारो : वेतन समझौते के लिए नयी सरकार के गठन पर बीएसएल कर्मियों की निगाह है. राजनीतिक दलों के साथ-साथ सेल कर्मियों को भी नयी सरकार के गठन का इंतजार है. इसी आधार पर अगले आंदोलन की रूप रेखा तय होगी. बीएसएल सहित सेल में पेंशन का मुद्दा हल होने के बाद अब वेतन समझौते […]

बोकारो : वेतन समझौते के लिए नयी सरकार के गठन पर बीएसएल कर्मियों की निगाह है. राजनीतिक दलों के साथ-साथ सेल कर्मियों को भी नयी सरकार के गठन का इंतजार है. इसी आधार पर अगले आंदोलन की रूप रेखा तय होगी. बीएसएल सहित सेल में पेंशन का मुद्दा हल होने के बाद अब वेतन समझौते की आस जग गयी है.

एक जनवरी 2017 से वेतन समझौता लंबित है. कैबिनेट से स्वीकृति के लिए मामला लटका हुआ है. वेतन समझौता के लिए बोकारो स्टील ऑफिसर्स एसोसिएशन (बोसा) व सेफी लगातार आंदोलनरत है.

अब बोकारो स्टील प्लांट सहित सेल की सभी इकाइयों के कर्मचारियों को नयी सरकार के गठित होने का बेसब्री से इंतजार है. बोसा अध्यक्ष एके सिंह ने शुक्रवार को बताया कि वेतन समझौता में रोड़ा बना ऑफर्डिबिलिटी क्लाउज 31 मार्च 2020 को स्वत: समाप्त हो जायेगा. एक अप्रैल 2020 से वेतन समझौता में कोई बाधा नहीं होगी. 23 मई का इंतजार है. नयी सरकार के गठन के बाद बोसा सेफी के साथ मिल कर वेतन समझौता का प्रयास शुरू करेगा.

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