ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए...

बोकारो : ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए, मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए, ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय… गुरुवार को लोक आस्था का महापर्व के तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया. व्रतियों ने पहला अर्घ्य देकर मनोकामना पूर्ण होने […]

बोकारो : ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए, मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए, ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय… गुरुवार को लोक आस्था का महापर्व के तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया. व्रतियों ने पहला अर्घ्य देकर मनोकामना पूर्ण होने का आशीष मांगा.

शहर के विभिन्न घाट पर अर्घ्य देने के लिए व्रतियों की भीड़ उमड़ी. व्रतियों के अलावा अर्घ्य अर्पण करने के लिए श्रद्धालु भी घाट पर पहुंचे. गरमी का मौसम होने के कारण सूर्यास्त देर से हुआ. हालांकि मौसम गर्मी के बाद भी कष्टकारी नहीं था. शायद व्रतियों की आराधना से सूर्य प्रभावित थे. अर्घ्य के बाद कई घरों में कोसी भराई की परंपरा निभायी गयी. कई संगठन की ओर से व्रतियों की सुविधा के लिए फलदान व पेयजय की व्यवस्था की गयी थी. शुक्रवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >