वर्ष 2011 में बालीडीह के बनसिमली जंगल में मिला था शव
बोकारो : स्थानीय न्यायालय के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश प्रथम रंजीत कुमार की अदालत ने बुधवार को हत्या के मामले में जरीडीह थाना क्षेत्र के ग्राम खुंटरी निवासी विजय मांझी (30 वर्ष) व बालीडीह निवासी उषा देवी को दोषी करार दिया है. दोष सिद्ध हुए मुजरिम उषा देवी चंदनकियारी के ग्राम संथालडीह निवासी मृतक डोमन मांझी की पत्नी थी.
विजय मांझी उषा देवी का प्रेमी है. न्यायालय में यह मामला सेशन ट्रायल 70/12 व बालीडीह थाना कांड संख्या 94/11 के तहत चल रहा है. सरकार की तरफ से अपर लोक अभियोजक राकेश कुमार राय ने पक्ष रखा. सजा का फैसला 15 फरवरी को सुनाया जायेगा. घटना की प्राथमिकी बालीडीह थाना के चौकीदार फणी भूषण मंडल के बयान पर दर्ज की गयी है.
कैसे हुई थी घटना : डोमन मांझी का विवाह बालीडीह निवासी उषा देवी से वर्ष 2007 में हुआ था. पूर्व से ही उषा देवी का प्रेम-प्रसंग खुंटरी निवासी विजय मांझी से चल रहा था. वर्ष 2011 में दुर्गापूजा के दौरान उषा देवी अपने मायका आयी थी. इस दौरान ही उषा ने अपने पति डोमन मांझी को फोन कर घर बुलाया. इसके बाद उषा व उसके प्रेमी विजय मांझी ने साजिश रचकर डोमन मांझी की गला दबा कर हत्या कर दी. साक्ष्य छुपाने के लिए डोमन के शव को बनसिमली जंगल में ले जाकर पलास के पेड़ पर लटका दिया.
चार-पांच दिनों के बाद शव सड़ जाने के कारण बदबू आने लगी. शव की सूचना बालीडीह थाना के चौकीदार फणी भूषण मंडल ने स्थानीय थाना को दी. पुलिस ने डोमन मांझी का शव पलास के पेड़ से बरामद किया. शव का घुटना जमीन पर टिका हुआ था. गर्दन में केवल रस्सी बंधी थी. पुलिस ने मामले की जांच की, तो उषा देवी के प्रेम प्रसंग का पता चला. मृतक का पर्स विजय मांझी के घर से बरामद किया गया. इसके बाद पुलिस ने उषा देवी व उसके प्रेमी विजय मांझी को गिरफ्तार कर लिया.
