बोकारो : 22.95 लाख की ठगी मामले में तीन वर्ष सश्रम कारावास
बोकारो : स्थानीय न्यायालय के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश प्रथम सह एससी-एसटी मामले के विशेष न्यायाधीश रंजीत कुमार की अदालत ने व्यवसाय के नाम पर सेवानिवृत्त बीएसएल कर्मी से 22.95 लाख रुपये ठगी करने के मामले में दामाद व ससुर को तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी है. सजा पाये मुजरिमों में सेक्टर […]
बोकारो : स्थानीय न्यायालय के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश प्रथम सह एससी-एसटी मामले के विशेष न्यायाधीश रंजीत कुमार की अदालत ने व्यवसाय के नाम पर सेवानिवृत्त बीएसएल कर्मी से 22.95 लाख रुपये ठगी करने के मामले में दामाद व ससुर को तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी है. सजा पाये मुजरिमों में सेक्टर छह निवासी उत्तम कुमार राहुल व बृहस्पति शर्मा शामिल हैं.
मुजरिम उत्तम कुमार को ठगी के मामले में तीन वर्ष सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा दी गयी है. जुर्माना नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास होगा. उत्तम शर्मा के ससुर बृहस्पति शर्मा को साधारण मारपीट व एससी-एसटी एक्ट में छह-छह माह कारावास की सजा दी गयी है. दोनों मुजरिम रिश्ते में उत्तम कुमार दामाद व बृहस्पति शर्मा ससुर है.
न्यायालय में यह मामला सेशन ट्रायल संख्या-04/12 व एससी-एसटी-सेक्टर चार थाना कांड संख्या 19/10 के तहत चल रहा था. सरकार की तरफ से विशेष लोक अभियोजक एसके झा ने अदालत में पक्ष रखा. घटना की प्राथमिकी सेक्टर छह डी, आवास संख्या 1272 निवासी सेवानिवृत्त बीएसएल कर्मी मदई राम ने दर्ज करायी थी.
कैसे हुई थी ठगी
उत्तम कुमार का मदई राम के पुत्र से अच्छी दोस्ती थी. उत्तम कुमार कोयला का व्यवसाय करता था. मदई राम के सेवानिवृत्त होने के बाद उत्तम कुमार व उत्तम के ससुर बृहस्पति शर्मा उनके आवास आये. दोनों ने मदई राम को बताया कि कोयला व्यवसाय में पैसा लगाने पर अच्छा मुनाफा मिलेगा. मदई राम झांसा में आकर कोयला व्यवसाय में पैसा लगाने के लिये तैयार हो गये.
16 मार्च 2009 से 25 जनवरी 2010 तक मदई राम ने उत्तम कुमार को अलग-अलग किश्तों में 22.95 लाख रुपया दिया. इसके एवज में उत्तम कुमार ने मुनाफा के साथ दस-दस लाख का तीन चेक सूचक को दिया. निर्धारित समय पर जब सूचक ने उक्त चेक को भुगतान के लिये बैंक में डाला तो वह बाउंस कर गया. सूचक ने पैसा वापस करने का दबाव बनाया तो उत्तम ने उन्हें अपने आवास पर बुलाया. यहां उत्तम व उत्तम के ससुर ने जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल कर गाली-गलौज दिया और जान से मार देने की धमकी दी थी.