बोकारो : बोकारो इस्पात प्रबंधन प्लॉट लीज की प्रकृति को बदलकर इसे पूरी तरह व्यावसायिक करने की कोशिश कर रहा है. जबकि प्लॉट पर मकान और दुकान दोनों है. यह बात बोकारो व्यावसायिक प्लॉट होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र विश्वकर्मा ने कही. रविवार को एसोसिएशन की आमसभा सेक्टर 04 स्थित चैंबर चौक मैदान में हुई.
ठोस अपशिष्ट के निस्तारण नियम का विरोध किया गया. श्री विश्वकर्मा सभा की अध्यक्षता कर रहे थे. कहा : लीज की शर्त के अनुसार दो प्रतिशत सर्विस टैक्स का भुगतान पहले से ही हो रहा है. इसका उद्देश्य अपशिष्ट निस्तारण ही था. प्रबंधन ने नियम झारखंड सरकार के नगर निगम क्षेत्र के अनुसार लागू किया है, जबकि क्षेत्र पीएसयू के अंतर्गत आता है. ऐसे में अतिरिक्त शुल्क की मांग जायज नहीं है.
संयुक्त महामंत्री भइया प्रीतम ने कहा : पहले लीज नवीकरण के नाम पर तो अब ठोस अपशिष्ट निस्तारण के नाम पर प्रबंधन प्लॉटधारियों को परेशान कर रहा है. प्रबंधन ने प्लॉट को कमाई का जरिया बना लिया है.
13 को नगर प्रशासन के सामने धरना : बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रवींद्र कुमार ने कहा : कचरा निस्तारण के नाम पर प्रतिमाह 10 हजार रुपया का शुल्क तर्क संगत नहीं है. इसपर प्रबंधन को दोबारा सोचने की जरूरत है. ठोस कचरा निस्तारण के शुल्क के खिलाफ एसोसिएशन 13 दिसंबर को बीएसएल के नगर सेवा प्रशासन भवन के समक्ष धरना देगा.
इससे पहले राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, इस्पात मंत्री, मुख्यमंत्री, सेल चेयरमैन समेत विभिन्न पदाधिकारी को त्राहिमाम संदेश भेजने का फैसला लिया गया. विभिन्न सेक्टर में 1100 से अधिक प्लॉट हॉल्डर्स नियम से प्रभावित होंगे.
मौके पर जगदीश चौधरी, एके राय, जीवन कुमार, राजेश कुमार, जेपी वर्णवाल, केएन प्रसाद, बीएन प्रसाद, हरकिशन लाल, बीबी राम, प्रभात कुमार सिंह, बीएन प्रसाद, केपी सिंह, डीपी पांडेय, समीर, बीसी झा, सुमित सिंह, अनिल कुमार सिंह, आरबी सिंह, आजाद अहमद, द्वारिका प्रसाद, अभय कुमार, बी राम, अनिल प्रसाद समेत कई मौजूद थे.
