चंदनकियारी : रत्नगर्भा झारखंड के चंदनकियारी से रोजगार के अभाव में युवाओं का पलायन चिंतनीय विषय है. यहां कोल ब्लॉक बंद पड़ा है. अमलाबाद व सीतानाला जैसी कोलियरी है. उच्च क्वालिटी के कोयले का अकूत भंडार, इलेक्ट्रोस्टील, ओएनजीसी प्लांट हैं. यह बातें पूर्व मंत्री उमाकांत रजक ने चंदनकियारी में पदयात्रा के दौरान सोमवार को जनता को संबोधित करते हुए कही.
कहा : अच्छी उपज का उन्नत किस्म की जमीन, मेहनकश किसान व मजदूर हैं. दुखद बात है कि चंदनकियारी के युवाओं को अपेक्षित रोजगार उपलब्ध नहीं हो रहा है. बेरोजगार युवाओं, किसानों के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि ने चार साल में कोई उचित प्रयास नहीं किया. कहा : सिर्फ फूड प्रोसेसिंग, पावर प्लांट खोलने का झांसा दिया. भाषण के माध्यम से झांसा देने, सपना दिखाने से काम नहीं चलेगा क्योंकि जिले की बहाली में नियोजन नीति के कारण चंदनकियारी समेत तमाम खतियानधारी के हक को सदा के लिए वंचित करने का काम किया गया.
दिनचर्या जैसी सुविधाओं से ऊपर उठ कर सोचने की जरूरत है. देश और राज्य के बजट में चंदनकियारी को उचित हिस्सेदारी नहीं मिली है. अस्पताल है चिकित्सक नहीं, स्कूल है टीचर नहीं, पारा टीचर, सेविका, सहायिका, मनरेगा कर्मी आज अपने हक के लिए आंदोलनरत हैं. मौके पर दुर्गा चरण महतो, तपन सिंह चौधरी, जलेश्वर महतो, विनोद पांडेय, राम प्रसाद माहथा, सुरेश गोप, बरियार सिंह, गयास अंसारी, साहेब राम प्रमाणिक, सुबल सिंह चौधरी, रंजीत गोप, शांति राय, पांडव सिंह चौधरी, रामनाथ सिंह चौधरी, अंबुज बनर्जी, हराधन कर्मकार, शंकर रजवार, कामदेव माहथा, अमरेश माहथा, कुलदीप माहथा, बलराम रजवार, मनोज माहथा, शेखर शर्मा, रंजीत माहथा, धीरेन मिस्त्री,अतुल बाबू समेत काफी संख्या में महिला पुरुष उपस्थित थे.
