चास : चास नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 30 में आता है खेदाडीह गांव. लगभग तीन हजार की आबादी वाला यह विस्थापित गांव कहलाता है. यहां के लोगों ने बीएसएल का प्लांट लगने के दौरान अपनी जमीन दी थी. लेकिन, आज इस गांव के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. सड़क, पेयजल, नाली जैसी सुविधाओं का अभाव झेल रहे इस गांव से विकास कोसों दूर है. नाली के अभाव में घरों का गंदा पानी कच्ची सड़क पर बहता है और जगह-जगह जल जमाव की स्थिति बनी हुई है.
निगम से अच्छा पंचायत ही था
स्थानीय लोगों ने बताया कि निगम से अच्छा तो पंचायत ही था. वर्ष 2015 में खेदाडीह गांव को नगर निगम में शामिल किया गया. पंचायत में जब यह गांव था तो सड़क बनी. लेकिन नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट आदि की कमी थी. नगर निगम में यह क्षेत्र शामिल हुआ तो लगा कि अब विकास होगा. लेकिन तीन वर्ष बाद भी ना तो पक्की सड़क बनी और ना ही नाली. पेयजल की भी उचित व्यवस्था नहीं है. पूरे गांव में मात्र दो चापाकल हैं. जब चापाकल खराब हो जाता है तो दूसरे मुहल्ले से पानी लाना पड़ता है. समस्याओं को दूर करने के लिए पार्षद को कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन हुआ कुछ नहीं.
यहां बनना है एक करोड़ रुपये का पार्क
स्थानीय लोगों ने कहा कि इस वार्ड क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक रुपये की लागत से पार्क का निर्माण कराया जाना है. लेकिन, लोगों की समस्याओं को दूर करने पर किसी का ध्यान नहीं है. गांव की कई स्ट्रीट लाइट भी खराब है.
करोड़ों के पार्क से स्थानीय लोगों को नहीं कोई लाभ
खेदाडीह गांव के पास ही करोड़ों रुपये का पार्क का निर्माण निगम की ओर से किया जा रहा है, लेकिन गांव की समस्या किसी को नहीं दिख रही है. स्थानीय लोगों को पार्क से कोई लाभ नहीं है.
मनबोध महथा
गांव में सड़क, नाली जैसी समस्याओं से आज भी लोग जूझ रहे हैं. समस्या यह है कि लोगों के आवेदन पर भी पार्षद कोई कार्रवाई नहीं कर रही हैं.
नरेश चौधरी
खेदाडीह गांव का विकास रुका हुआ है. पंचायत में रहने के दौरान ही गांव में पीसीसी सड़क बनी है. इसकी स्थिति खराब है. मरम्मत तक नहीं हो रहा है.
राकेश महथा
बांधगोड़ा साइड से खेदाडीह गांव जाने के लिए आज भी सड़क नहीं बनी है. बरसात में गांव की सड़क आवाजाही के लायक भी नहीं रहती है.
