बोकारो : बीएसएल के हॉट स्ट्रिप मिल विभाग के असिस्टेंट मैनेजर के साथ ठेका मजदूर द्वारा किये गये दुर्व्यवहार के विरोध में बीएसएल अधिकारियों ने शनिवार को प्लांट के भीतर में विरोध प्रदर्शन किया और जुलूस निकाला. हॉट स्ट्रीम मिल का काम लगभग पांच घंटे बंद करा दिया.
इससे बीएसएल को करोड़ों रुपये का घाटा हुआ. हॉट स्ट्रीप मिल दिन 11.30 से 12.00 बजे के बीच बंद किया. बीएसएल की ओर से ठेका मजदूर का गेट पास व आइपी लिखित रूप से निरस्त किया गया, तब अधिकारियों का आंदोलन समाप्त हुआ और शाम लगभग 5.00 से 5.30 बजे के बीच चालू हुआ. इससे पहले प्लांट के अधिकारी इडी-वर्क्स के यहां पैदल मार्च के रूप में पहुंचे.
मिल बंद करना पूर्व नियोजित नहीं था : अधिकारियों का कहना था कि अधिकारी को ठेका मजदूर से ही काम करवाना है. अगर ठेका मजदूर अधिकारी की बात नहीं सुनेगा तो इसका असर प्लांट के उत्पादन व उत्पादकता पर पड़ेगा. अधिकारियों का कार्यक्रम पैदल मार्च, विरोध-प्रदर्शन व जुलूस तक ही सीमित था. लेकिन, इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होते देख अधिकारी अचानक हॉट स्ट्रीप मिल पहुंचे और मिल का काम बंद करा दिया. मिल बंद करना पूर्व नियोजित नहीं था.
उत्तेजित व आक्रोशित नजर आये अधिकारी : ईडी-वर्क्स कार्यालय पर पैदल मार्च, विरोध-प्रदर्शन व जुलूस के दौरान अधिकारी उत्तेजित व आक्रोशित नजर आये. अधिकारी हमें इंसाफ चाहिए… अधिकारियों को सम्मान चाहिए… आदि का नारा लगा रहे थे. कुछ अधिकारियों का कहना था कि इडी-वर्क्स के यहां जब अधिकारी पहुंचे, तब उनको बैठने तक की जगह नहीं दी गयी.
छह दिन में 10 घंटे बंद रहा मिल
बीएसएल पिछले दो वित्तीय वर्ष से घाटा में चल रहा था. वित्तीय वर्ष 2018-19 बीएसएल की स्थिति कुछ हद तक सुधरनी शुरू हो गयी थी. लेकिन, छह दिन में लगभग 10 घंटे हॉट स्ट्रिप मिल बंद रहा. इससे बीएसएल को करोड़ों रुपये का घाटा हुआ है. अब इसकी भरपाई में बीएसएल को कई दिन लगेंगे.
28 सितंबर को हुई थी दुर्व्यवहार की घटना
28 सितंबर को हॉट स्ट्रीप मिल में एक ठेका मजदूर व मिल के असिस्टेंट मैनेजर के बीच किसी बात को लेकर मामला हाथापाई तक पहुंच गया. अधिकारी ने शिकायत प्रबंधन से की. प्रबंधन ने ठेका मजदूर का गेट पास निरस्त कर दिया.
ठेका मजदूर के पक्ष में एक अक्तूबर को यूनियन आगे आयी और गेट पास बहाल करने की मांग की. यूनियन की ओर विरोध-प्रदर्शन किया गया. हॉट स्ट्रीप मिल साढ़े चार घंटे बंद कर दिया गया. वार्ता में प्रबंधन की ओर से पुन: ठेका मजदूर के गेट पास को बहाल किये जाने पर आंदोलन समाप्त हुआ और पुन: मिल शुरू हुआ. मिल के बंद रहने से बीएसएल को उस दिन भी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था.
