किसानों और मजदूरों ने लगाया था नारा ”मिट्टी का एक लाल, टेकलाल-टेकलाल”

बेरमो : गिरिडीह के पूर्व सांसद और मांडू के पांच बार विधायक रहे टेकलाल महतो पूरे उत्तरी छोटनागपुर में अपने तीखे आंदोलन के कारण जाने जाते थे. किसानों ने उनके बारे में नारा लगाया था ‘मिट्टी का एक लाल टेकलाल-टेकलाल’. महाजनी प्रथा से लेकर धान पेडी की लेवी के खिलाफ चलाये गये आंदोलन के अलावा […]

बेरमो : गिरिडीह के पूर्व सांसद और मांडू के पांच बार विधायक रहे टेकलाल महतो पूरे उत्तरी छोटनागपुर में अपने तीखे आंदोलन के कारण जाने जाते थे. किसानों ने उनके बारे में नारा लगाया था ‘मिट्टी का एक लाल टेकलाल-टेकलाल’. महाजनी प्रथा से लेकर धान पेडी की लेवी के खिलाफ चलाये गये आंदोलन के अलावा झारखंड अलग राज्य आंदोलन के दौरान आर्थिक नाकेबंदी, सड़क जाम, धरना-प्रदर्शन, जेल भरो अभियान में उनकी सक्रियता रही.
स्व. बिनोद बिहारी महतो के साथ मिल कर शिवाजी समाज का गठन कर बाल-विवाह और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिला‍फ उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरण अभियान भी चलाया. रांची से एलएलबी की पढ़ाई करने वाले टेकलाल महतो का जीवन सादगी भरा रहा. साधारण धोती-कुर्ता और कंधे पर हमेशा हरा रंग का गमछा उनकी पहचान थी. 1997 में एकीकृत बिहार विधानसभा में टेकलाल महतो ने ही सबसे पहले झारखंड अलग राज्य विधेयक पारित कराया था. इनके पिता दौलत महतो साधारण किसान तथा माता रेशमी देवी गृहिणी थीं. तीन भाइयों में मंझले टेकलाल महतो का जन्म 15 फरवरी 1945 को हुआ था. 70 के दशक में इन्होंने हजारीबाग के विष्णगढ़ व मांडू क्षेत्र से अपनी राजनीति शुरू की थी.
1977 व 1980 में बतौर निर्दलीय मांडू विस क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन पराजित हो गये. इसके बाद वर्ष 1985, 90, 95 और 2000 में लगातार चार बार विधायक बने. पांचवीं बार वर्ष 2009 में विधायक बने. इससे पहले वर्ष 2004 में उन्होंने गिरिडीह से लोस का चुनाव लड़ा तथा रिकॉर्ड डेढ़ लाख मतों के अंतर से भाजपा प्रत्याशी रवींद्र कुमार पांडेय को पराजित किया. टेकलाल महतो झारखंड विस में प्रोटेम स्पीकर भी बने थे. 27 सितंबर 2011 को टेकलाल महतो के निधन के बाद हुए उपचुनाव में मांडू से उनके पुत्र जयप्रकाश भाई पटेल विधायक बने.
1991 में हजारीबाग लोस क्षेत्र से झामुमो ने टिकट नहीं मिलने पर टेकलाल महतो निर्दलीय चुनाव लड़े तथा करीब 63 हजार मत हासिल किया था. उस चुनाव में झामुमो व सीपीआइ ने मिल कर एक लाख 21 हजार ‍मत प्राप्त किया था. 1992 में झामुमो में टूट हुआ और टेकलाल महतो, कृष्णा मार्डी व राजकिशोर महतो के नेतृत्व में झामुमो का अलग गुट बना.
बनासो में होगा कार्यक्रम, आयेंगे गुरुजी : 27 सितंबर को बनासो स्थित बीएड कॉलेज प्रांगण में स्व. टेकलाल महतो की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन, हेमंत सोरेन के अलावा कई विधायक व सांसद शिरकत करेंगे.

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