बोकारो : तन संयंत्र की सेवा में मन घर की सुरक्षा पर

सुनील तिवारी बोकारो : आये दिन चोरी, छिनतई व छेड़खानी की घटना से सेक्टर 4 एफ वासी भयभीत हैं. लोक -लाज के कारण कई मामले पुलिस तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. खासकर, छेड़खानी के. इस कारण मनचलों का आतंक सेक्टर में बढ़ा हुआ है. चोरी व छिनतई के कई मामले पुलिस तक पहुंचते हैं. […]

सुनील तिवारी
बोकारो : आये दिन चोरी, छिनतई व छेड़खानी की घटना से सेक्टर 4 एफ वासी भयभीत हैं. लोक -लाज के कारण कई मामले पुलिस तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. खासकर, छेड़खानी के. इस कारण मनचलों का आतंक सेक्टर में बढ़ा हुआ है. चोरी व छिनतई के कई मामले पुलिस तक पहुंचते हैं. लेकिन, इनका उद्भेदन नहीं हो पाता है. सेक्टर 4 एफ में बोकारो स्टील प्लांट के सबसे अधिक अधिकारी लगभग 1500 रहते हैं.
अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर बोकारो स्टील ऑफिसर्स एसोसिएशन (बोसा) गंभीर है. बोसा बीएसएल प्रबंधन से सेक्टर 4 एफ को मॉडल सेक्टर बनाने की डिमांड कर रहा है. इसके तहत सेक्टर 4 एफ की बाउंड्री वाल, जगह-जगह सीसी टीवी कैमरा आदि लगाने की मांग की जा रही है.
सेक्टर-4 एफ में बीएसएल के सबसे अधिक अधिकारी रहते हैं. इनमें युवा अधिकारियों की संख्या अधिक हैं. सेक्टर में जो उम्र दराज अधिकारी हैं, उनके पुत्र-पुत्री या तो बाहर पढ़ते हैं या फिर उनकी शादी हो गयी है और वह बाहर रहते हैं. ऐसे में उम्र दराज अधिकारी के घर में सिर्फ पति व पत्नी हीं रहते हैं.
दूसरी ओर, जो युवा अधिकारी हैं, इनमें कई ऐसे हैं जिनकी शादी कुछ माह पहले हीं हुई है. कुछ ऐसे भी युवा अधिकारी हैं, जिनकी शादी नहीं हुई है. मतलब, यह कि जिनकी शादी हुई हैं, वह भी सिर्फ पति-पत्नी ही रहते हैं. और जिनकी शादी नहीं हुई हैं, वह अकेले रहते हैं या फिर उनके बुजुर्ग माता-पिता रहते हैं. इस कारण, ड्यूटी जाने के बाद सेक्टर के अधिकारियों को घर-परिवार की सुरक्षा की चिंता सताती है.
बीएसएल अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर बोसा गंभीर है. सेक्टर 4 एफ की बाउंड्री वाल कराने की मांग को लेकर सीइओ से वार्ता हो चुकी है. बोसा की डिमांड है कि जगह-जगह सीसीटीवी लगाया जाया. एक ही प्रवेश व निकास द्वार हो.
एके सिंह, अध्यक्ष-बोकारो स्टील ऑफिसर्स एसोसिएशन
पति के ड्यूटी जाने के बाद घर से बाहर नहीं निकलती हैं पत्नी
सेक्टर 4 एफ में परिवार कम होने के कारण चहल-पहल नहीं के बराबर रहती है. जैसा कि अन्य सेक्टरों में होता है. सुबह 8 बजते-बजते अधिकारी प्लांट के निकल जाते हैं. घर में बच जाती हैं पत्नी या बुजुर्ग माता-पिता. बस, इसी का फायदा अपराधी, असामाजिक तत्व व मनचले उठाते हैं. अकेली महिला जब कुछ सामान लेने घर से बाहर चौक पर निकलती है, तब उसके साथ छिनतई या छेड़खानी जैसी घटना हो जाती है.

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