बोकारो : चोरी व छिनतई मामले के शातिर अपराधी चास के डीएसपी कॉलोनी निवासी विकास रवानी (23 वर्ष) को स्थानीय न्यायालय ने दोषी करार देते हुए सोमवार को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी है. स्थानीय न्यायालय के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश द्वितीय जर्नादन सिंह की अदालत ने मुजरिम को सजा सुनायी है.
भादवि की धारा 413 (आदतन चोरी करना या चोरी का सामान रखना) के तहत विकास रवानी को सात वर्ष सश्रम कारावास व 10 हजार रुपया जुर्माना की सजा दी गयी है. जुर्माना नहीं देने की सूरत में मुजरिम को एक वर्ष अतिरिक्त सश्रम कारावास होगा. भादवि की धारा 379 (चोरी) के तहत दो वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी गयी है.
न्यायालय में यह मामला सेशन ट्रायल संख्या-182/18 व चास थाना कांड संख्या-71/18 के तहत चल रहा था. सरकार की तरफ से इस मामले में अपर लोक अभियोजक चंद्रभूषण प्रसाद ने अदालत में साक्ष्य व गवाह प्रस्तुत किया. यह घटना 24 मार्च 2018 को चास स्थित नगर निगम कार्यालय के पास हुई थी.
क्या है मामला
घटना की प्राथमिकी चास के मुस्लिम मुहल्ला निवासी मो जिसान आलम ने दर्ज करायी थी. जिसान आलम किसी काम से नगर निगम कार्यालय गये थे. उनके मोबाइल पर किसी का कॉल आया. मो आलम नगर निगम कार्यालय के बाहर मोबाइल पर बात करने लगे. इसी दौरान बाइक पर सवार अपराधी अचानक उनका मोबाइल छीन कर फरार हो गये.
घटना के बाद कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गयी. पुलिस ने अपराधी के भागने की दिशा में पीछा कर विकास रवानी को गिरफ्तार किया. विकास के पास से छिनतई किया गया मोबाइल भी पुलिस ने बरामद कर लिया. पूछताछ में पता चला कि घटना के दौरान विकास ने जो बाइक इस्तेमाल की थी, वह धनबाद से चोरी की गयी थी. पुलिस जांच में यह भी जानकारी मिली कि पुलिस से बचने के लिए विकास रवानी चास के डीएसपी कॉलोनी स्थित एक आवास में अवैध तरीके से रह रहा था.
