ऐसी बाइकों की संख्या बढ़ी
तेज हॉर्न बजने से संतुलन खो बैठते हैं दूसरे चालक
चास : चास-बोकारो में प्रेशर हॉर्न लगी मोटरसाइकिलों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है. इसकी वजह से अक्सर सड़क दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं. प्रेशर हाॅर्न की आवाज इतनी तेज होती है कि अचानक इसके बजने से अन्य वाहन चालक संतुलन खो देते हैं और दुर्घटना हो जाती है. ऐसा अक्सर भीड़-भाड़ वाले जगहों पर होता है. ट्रैफिक पुलिस और यातायात विभाग प्रेशर हॉर्न लगाने से रोकने की दिशा में फिलहाल मौन है. प्रेशर हाॅर्न सभी तरह की मोटरसाइकिलों में फिट किया जाता है. इसे लगाने वालों और लगवाने वालों को रोकने वाला फिलहाल कोई नहीं है.
जुर्माना व सजा का है नियम
ट्रैफिक डीएसपी सुनील कुमार रजवार ने कहा कि बाइक में प्रेशर हॉर्न लगाने पर 1000 रुपये जुर्माना लगाने का प्रावधान है. दूसरी बार पकड़े जाने पर जुर्माना
के साथ ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए रद्द किया जायेगा. बाइक चालक
को जेल भी भेजा जायेगा. विशेष अभियान चला कर बाइकों से प्रेशर हॉर्न हटवाया जायेगा.
स्वास्थ्य के लिए खतरा
चास अनुमंडल अस्पताल के डॉ. रवि शेखर ने बताया कि अचानक तेज हॉर्न बजने से बच्चों और बुजुर्गों पर बुरा असर पड़ता है. बच्चों के कान के पर्दे तक फट सकते हैं. दिल के मरीजों और बुजुर्गों को हार्ट अटैक भी हो सकता है.
अचानक से प्रेशर हॉर्न बजने से बच्चे डर जाते हैं. ऐसे लोगों को सोचना चाहिए कि उनके शौक से दूसरे लोगों को कितनी परेशानी होती है.
मो. कोबाद, मुस्लिम मुहल्ला
गलियों से गुजरते समय भी बाइक चालक प्रेशर हॉर्न बजाते हैं. दुकान में काम करने के दौरान अचानक प्रेशर हॉर्न बजने से काम में व्यवधान होता है.
मो इश्तियाक, सुल्तान नगर
प्रेशर हॉर्न बजाने वाले युवक समझाने पर झगड़ा करने को उतारू हो जाते हैं. ऐसे में पुलिस प्रशासन को ही ऐसे युवकों पर नकेल कसनी चाहिए.
अंबुज मंडल, चीराचास
