नाजुक डोर पर भारी पड़ रहा है मोबाइल, तलाक की आ रही है नौबत

बोकारो : वर्तमान दौर में मोबाइल पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते में दरार पैदा कर रहा है. मोबाइल पर लंबे समय तक चैटिंग करना या फोन पर ही बातें करते रहना आपको भी मुश्किल में डाल सकता है. इससे आपके घर में कलह भी हो सकता है. दरअसल इस तरह के पति- पत्नी के झगड़े के […]

बोकारो : वर्तमान दौर में मोबाइल पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते में दरार पैदा कर रहा है. मोबाइल पर लंबे समय तक चैटिंग करना या फोन पर ही बातें करते रहना आपको भी मुश्किल में डाल सकता है. इससे आपके घर में कलह भी हो सकता है. दरअसल इस तरह के पति- पत्नी के झगड़े के दर्जनों मामले महिला थाना में पहुंचने के बाद यह खुलासा हुआ है.
महिला थाना प्रभारी संगीता कुमारी बताती है कि हाल के दिनों में पति-पत्नी विवाद के जो मामले पहुंच रहे हैं, उनमें 20 से 25 फीसदी मामलों में झगड़े की वजह स्मार्टफोन है. इन मामलों को थाना में दोनों पक्षों को बुलाकर काउंसिलिंग कर समझाने-बुझाने के बाद विवाद समाप्त करने के प्रयास किये जाते हैं. उन्होंने बताया कि पूर्व के समय में घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना व ससुराल वालों की ओर से दिया जाने वाले उलाहना आदि के मामले ही आते थे. इन दिनों उनके पास पति- पत्नी के बीच झगड़ा के जितने भी मामले आये, उनमें सबसे अधिक मामलो में बड़ा कारण मोबाइल है.
कई मामलों को काउंसेलिंग के जरिये सुलझा रहा महिला थाना
केस स्टडी : एक
सेक्टर 3 की रहने वाली रंजू (बदला हुआ नाम) ने अपने पति के विरुद्ध प्रताड़ना की प्राथमिकी दर्ज करायी है. पुलिस जब मामले की जांच करने लगी तो यह बात सामने आयी कि महिला पति के ड्यूटी जाने के बाद किसी से मोबाइल पर बात करती थी. पति ने इस बात का विरोध किया तो दोनों में अनबन हो गयी. मामला बिगड़ने पर महिला थाना की मदद लेनी पड़ी.
केस स्टडी : दो
तुपकडीह की रहने वाली फुलमनी देवी (बदला हुआ नाम) मोबाइल से किसी से बात करती थी. पति ने मोबाइल को रिकॉर्डिंग मोड में डाल दिया. पत्नी व बात करने वाले की सारी बात रिकॉर्ड हो गयी. इस कारण विवाद हो गया. पति किसी भी कीमत पर अपनी पत्नी को अपने साथ नहीं रखने को तैयार हुआ. अंतत: फुलमनि ने महिला थाना में पति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर दिया. पति ने पुलिस को पत्नी के साथ उसके पुरुष मित्र के बीच हुई बातचीत की क्लिप उपलब्ध कराया है.
क्या कहती हैं महिला थाना प्रभारी
हाल के दिनों में इस प्रकार के दर्जनों मामले आये हैं, उसमें सबसे अधिक मामले मोबाइल पर चैटिंग व बात करना का मामले रहा है. इन मामलों में कभी कभी महिलाएं व पुरुष ऐसे साक्ष्य प्रस्तुत करते हैं. जिससे हम भी निरुत्तर व चुप हो जाते हैं. मेरी यही सलाह है कि मोबाइल व सोशल मीडिया का दुरुपयोग नहीं करना चाहिये.
संगीता कुमारी, थाना प्रभारी, महिला थाना, बोकारो

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