बोकारो : ठेका मजदूर संशोधन विधेयक का विरोध

बोकारो : ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा (एटक, सीटू, एक्टू, एआइयूटीयूसयी व झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन) की ओर से गुरुवार को आक्रोश सभा की गयी. सीइजेड गेट (नया मोड़) के पास आयोजित कार्यक्रम में झारखंड सरकार की ओर से पारित ठेका मजदूर विधेयक 2018 , औद्योगिक विवाद विधेयक व झारखंड श्रम विधियां संशोधन विधेयक की प्रतियां […]

बोकारो : ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा (एटक, सीटू, एक्टू, एआइयूटीयूसयी व झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन) की ओर से गुरुवार को आक्रोश सभा की गयी. सीइजेड गेट (नया मोड़) के पास आयोजित कार्यक्रम में झारखंड सरकार की ओर से पारित ठेका मजदूर विधेयक 2018 , औद्योगिक विवाद विधेयक व झारखंड श्रम विधियां संशोधन विधेयक की प्रतियां जलायी गयी.
विधेयक वापस लेने की मांग की गयी. वक्ताओ��� ने कहा : मजदूर के साथ झारखंड सरकार अन्याय कर रही है. विधेयक लागू होने से 70 प्रतिशत से अधिक फैक्ट्रियां फैक्ट्री कानून से बाहर हो जायेगी. ऐसे में मजदूर श्रम कानून के अधिकार से वंचित हो जायेंगे. मजदूर पूरी तरह से मालिक के दया पर निर्भर होंगे. वक्ताओं ने कहा : फैक्ट्री कानून में जहां पहले 20 मजदूर की न्यूनतम सीमा लागू थी, उसे अब बढ़ा कर 50 कर दिया गया है.
कानून कॉरपोरेट परस्त व मजदूर विरोधी है. वक्ताओं ने कहा : यदि सरकार विधेयक को वापस नहीं लेती है, तो क्रमागत आंदोलन किया जायेगा. संपूर्ण राज्य में चक्का जाम किया जायेगा. अध्यक्षता यू झा ने की. सभा को सीटू के बीडी प्रसाद व आरके गोरांई, एटक के रामाश्रय प्रसाद सिंह, एक्टू के देवदीप सिंह दिवाकर, एआइयूटीयूसी के मोहन चौधरी व झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के देवदीप सिंह दिवाकर ने संबोधित किया. मौके पर दर्जनों मजदूर मौजूद थे.

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