बोकारो : ममता बनर्जी बंगाल में तानाशाह का रवैया अपनाये हुए हैं. पंचायत चुनाव में विपक्षी दल के प्रतिनिधि को नॉमिनेशन तक करने नहीं दिया गया. बावजूद इसके ममता बनर्जी बंगाल के बाहर जनवादी होने का दावा करती है. यह बात भाकपा की पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात ने गुरुवार को कही. श्रीमती करात सेक्टर 09 स्थित सीटू कार्यालय में प्रेस से बात कर रही थी.
मोदी की राह पर ममता : श्रीमती करात ने कहा : मोदी व ममता बनर्जी दोनों सांप्रदायिक हैं. दोनों सांप्रदायिकता का इस्तेमाल फायदा के लिए कर रही हैं. ममता बनर्जी व नरेंद्र मोदी दोनों एक ही रास्ता पर चल रहे हैं. दोनों का मुकाबला वामदलों से ही है. पंचायत चुनाव को लेकर वामदल ने ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. वामदल के 200 से अधिक साथी को बंगाल में मारा गया.
पत्थलगड़ी आदिवासी परंपरा, पर कुछ लोग प्रस्तुत कर रहे हैं गलत ब्योरा : श्रीमती करात ने कहा : पत्थलगड़ी आदिवासी परंपरा है. संविधान की पांचवीं अनुसूची के अनुसार ग्राम सभा को ताकत दी गयी है. लेकिन, चंद लोग पत्थलगड़ी के नाम पर गलत ब्योरा प्रस्तुत कर रहे हैं. इससे गलतफहमी की स्थिति बन रही है. कहा : सरकार भी पत्थलगड़ी को लेकर गलत मंशा के साथ व्याख्या कर रही है. मामले को दूसरा रूप देने का प्रयास हो रहा है.
सरकार दोषियों को बचा रही है
श्रीमती करात ने कहा : स्वामी अग्निवेश पर हमला भाजपा की सोच को दिखाती है. सामाजिक कार्यकर्ता के साथ दुर्व्यवहार करने वाले को सरकार बचा रही है. अभी तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. एसआइटी का गठन कर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास हो रहा है. कहा : झारखंड में मॉब लिंचिंग की घटना सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना है.
