भूमि अधिग्रहण बिल को स्वीकृति मिलने पर बिफरे पूर्व मंत्री उमाकांत रजक, कहा
बोकारो : मुख्यमंत्री रघुवर दास की ओर से बनायी गयीं सभी नीतियां झारखंड के लिए गलत साबित हुई हैं. स्थानीय नीति, नियोजन नीति, सीएनटी/एसपीटी एक्ट में संशोधन व भूमि अधिग्रहण बिल से झारखंड का अस्तित्व समूल नष्ट हो जायेगा.
उक्त बातें पूर्व मंत्री सह आजसू के केंद्रीय उपाध्यक्ष उमाकांत रजक ने कही. श्री रजक रविवार को बोकारो के सेक्टर नौ स्थित आवासीय कार्यालय में प्रेस को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि रघुवर दास का सीएम की कुर्सी पर एक पल भी रहना झारखंड के हित में नहीं है.
श्री रजक ने कहा कि झारखंड की जनता बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन मंत्री अमर बाउरी गैर झारखंडी अभियान में सीएम के साथी बने हुए हैं.
जबकि, अमर बाउरी ने दल-बदल को चंदनकियारी व झारखंड के हित के लिए उठाया गया कदम बताया था. श्री रजक ने कहा कि मंत्री अमर बाउरी को स्थानीय व नियोजन नीति बनाने का मौका मिला था, लेकिन मूलवासियों को रोजगार से बेदखल करने के लिए 1985 के आधार पर स्थानीय नीति बना दी.
सरकार के झारखंड विरोधी कारनामे को देखते हुए आजसू पार्टी को कड़ा व ठोस फैसला लेना होगा. सरकार की गलत नीतियों से राज्य की जनता परेशान है. यह आंकड़ों की सरकार है. आकंड़ों के बल पर लोगों को भ्रमित नहीं किया जा सकता है.
