कसमार : आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया चंदू

खैराचातर के कैंसर पीड़ित 16 वर्षीय बच्चे की मौत, गांव में शोक व्याप्त कसमार : कसमार प्रखंड अंतर्गत खैराचातर निवासी सत्यनारायण प्रसाद का पुत्र अमन कुमार उर्फ चंदू (16 वर्ष) आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया. वह कई माह से लीवर कैंसर से पीड़ित था. गुरुवार की सुबह में उसकी मौत हो गयी. जनवरी 2018 […]

खैराचातर के कैंसर पीड़ित 16 वर्षीय बच्चे की मौत, गांव में शोक व्याप्त
कसमार : कसमार प्रखंड अंतर्गत खैराचातर निवासी सत्यनारायण प्रसाद का पुत्र अमन कुमार उर्फ चंदू (16 वर्ष) आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया. वह कई माह से लीवर कैंसर से पीड़ित था. गुरुवार की सुबह में उसकी मौत हो गयी. जनवरी 2018 में सीएमसी वेल्लोर में इलाज के बाद कैंसर की पुष्टि हुई थी.
सीएमसी के चिकित्सकों ने टीएमसीएच मुंबई जाने की सलाह दी. लेकिन गरीब परिवार उसे मुंबई नहीं ले जा सका. किसी तरह चंदू का इलाज अन्य जगह से कराने लगा. जब परिवार दवा-इलाज कराने में पूरी तरह असमर्थ हो गया, तब चंदू ने अपने पिता को अखबार में छपवा कर मदद मांगने की सलाह दी थी.
सात अप्रैल 2018 के अंक में ‘प्रभात खबर’ ने ‘कैंसर पीड़ित चंदू का सवाल, मां क्या मैं मर जाऊंगा’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी. खबर पढ़ने के बाद कई लोग चंदू की इलाज में मदद के लिए सामने आये. सीएम रघुवर दास ने भी खबर पर संज्ञान लेते हुए ट्वीट कर बोकारो डीसी को मदद करने का निर्देश दिया था.
14 अप्रैल को बोकारो इस्पात हस्तकरघा प्रशिक्षण केंद्र के संस्थापक सरोज दुबे की मदद से चंदू को मुंबई ले जाया गया. कुछ दिनों की जांच-इलाज के बाद चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर बता दी. इसके बाद चंदू को वापस घर ले आया गया. इस बीच बोकारो के होमियोपैथी चिकित्सक डॉ शंकर प्रसाद ने भी काफी प्रयास किया. दो माह तक चंदू कैंसर से लड़ता रहा.
वह जीना चाहता था, लेकिन गुरुवार को वह जिंदगी की जंग हार गया. उसकी मौत से गांव में शोक व्याप्त है. घटना सुन कर काफी संख्या में लोग जुटे और परिवार को ढांढस बंधाया. दाह संस्कार में सरोज दुबे भी अपने सहयोगियों के साथ मौजूद रहे.

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