रांची : लापता नाबालिग को तलाशने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) नयी दिल्ली ने झारखंड पुलिस के लिए एडवाइजरी तैयार की है.
जानकारी के मुताबिक एनएचआरसी ने लापता बच्चों को तलाशने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करने का सुझाव दिया है. इस तकनीक में आधार लिंक और आधार कार्ड के अलावा चेहरे को पहचानने वाला सॉफ्टवेयर का प्रयोग करने का सुझाव दिया गया है. इसके अलावा इंटर स्टेट समन्वय बढ़ाने का सुझाव दिया गया है.
लापता नाबालिग को तलाशने के लिए विशेष रूप से ट्रैक चाइल्ड सॉफ्टवेयर का प्रयोग करने का भी सुझाव है. लापता होने की सूचना मिलने पर आइपीसी की धारा 370 के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाये.
इसके अलावा लापता नाबालिग को तलाशने के लिए ट्रेकिंग सिस्टम का प्रयोग करने करने के साथ ही बच्चों के डाटा का उपयोग करने की बात कही गयी है. एनएचआरसी के निर्देश पर गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय को इस बात भी जानकारी दी है कि लापता बच्चों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय मॉनिटरिंग कर रहा है.
बच्चों को तलाशने के मामले में एनएचआरसी के निर्देश पर पंजाब, राजस्थान, पुडुचेरी, मध्य प्रदेश, ओड़िशा सहित दूसरे राज्यों की ओर से भविष्य की कार्ययोजना के बारे में रिपोर्ट भेजी जा चुकी है. इसलिए झारखंड की ओर से एक कार्ययोजना तैयार कर वर्तमान स्थिति के बारे में आयोग को एक रिपोर्ट भेजी जाये.
- एनएचआरसी ने झारखंड पुलिस के लिए एडवाइजरी तैयार की है
- आधार लिंक का उपयोग
- कर बच्चों को तलाशने का दिया सुझाव
- लापता बच्चों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय मॉनिटरिंग कर रहा है
