रांची : कुछ लोगों ने इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट फैक्टरी (इइएफ), टाटीसिलवे की करीब 58 डिसमिल जमीन का लगान कटा लिया है और लगान की रसीद के आधार पर उक्त जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं.
तत्कालीन बिहार सरकार ने इइएफ के लिए करीब 134 एकड़ जमीन का अधिग्रहण 1960 में किया था, जो चतरा, हरातू व टाटी मौजा का है. करीब 59 साल बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने गलत तरीके से लगान कटा लिया है. मामले का खुलासा तब हुआ, जब 10 दिन पहले कुछ लोगों ने कारखाने के मुख्य द्वार के पास जमीन की मापी कर जेसीवी से खुदाई शुरू कर दी.
इसकी जानकारी मिलते ही झारखंड स्थित बिहार राज्य अौद्योगिक विकास निगम लि.(बीएसआइडीसीएल) के कारखानों के यूनिट हेड अरविंद कुमार राय ने टाटीसिलवे थाने से संपर्क कर खुदाई रोकने का आग्रह किया. इसके बाद काम रोक दिया गया.
नामकुम और अनगड़ा के सीअो को पत्र : यूनिट हेड श्री राय ने नामकुम और अनगड़ा अंचल के सीओ को पत्र लिख कर उनके द्वारा निर्गत लगान रसीद रद्द करने का आग्रह किया है.
पत्र में लिखा है कि जमीन का अधिग्रहण 1960 में किया गया था. इसके एवज में भू अर्जन कार्यालय द्वारा सभी रैयतों को मुआवजा भी दे दिया गया है. उक्त जमीन पर कारखाने का शांतिपूर्ण दखल गत 59 साल से बरकरार है. इधर, गलत तरीके से लगान रसीद जारी हो गयी है. कृप्या इसे रद्द किया जाये.
इइएफ, टाटीसिलवे
तत्कालीन बिहार सरकार ने वर्ष 1960 में किया था करीब 134 एकड़ जमीन का अधिग्रहण
10 दिन पहले कुछ लोगों ने जमीन की मापी कर जेसीबी से खुदाई शुरू की, तब हुआ खुलासा
कारखानों के यूनिट हेड ने टाटीसिलवे थाने से किया संपर्क, पुलिस के हस्तक्षेप पर काम रुका
