दो माह में पूरी होगी दुष्कर्म पोक्सो में दर्ज केस की जांच

रांची : झारखंड में दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज केस का अनुसंधान दो माह पूरा करने और केस के अनुसंधान की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए झारखंड पुलिस को इंवेस्टीगेशन ट्रेकिंग सिस्टम फॉर सेक्सुअल ऑफेंस (आइटीएसएसओ) से जोड़ा गया है. झारखंड पुलिस को यह सुविधा केंद्रीय गृह मंत्रालय (महिला सुरक्षा डिवीजन) से […]

रांची : झारखंड में दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज केस का अनुसंधान दो माह पूरा करने और केस के अनुसंधान की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए झारखंड पुलिस को इंवेस्टीगेशन ट्रेकिंग सिस्टम फॉर सेक्सुअल ऑफेंस (आइटीएसएसओ) से जोड़ा गया है. झारखंड पुलिस को यह सुविधा केंद्रीय गृह मंत्रालय (महिला सुरक्षा डिवीजन) से मिली है.

आइटीएसएसओ के तहत इंटर अॉपरेब्ल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आइसीजेएस) पोर्टल तैयार किया गया है. पोर्टल में लॉग इन करने के लिए झारखंड पुलिस को यूजर आइडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया गया है. इस पोर्टल से झारखंड पुलिस दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के दर्ज केस का डाटा प्राप्त करेगी.
पोर्टल में 21 अप्रैल 2018 और उसके बाद दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मुकदमों के बारे में जानकारी उपलब्ध है. आइजी प्रोविजन अरुण कुमार सिंह ने इससे संबंधित आदेश सभी जिलों के एसपी के लिए जारी कर दिया है.
उन्होंने निर्देश दिया है कि आइटीएसएसओ पर संबंधित जिलों में पुलिस अफसरों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाये. इसके साथ ही केस की मॉनिटरिंग के लिए पोर्टल में उपलब्ध सुविधा का उपयोग किया जाये.
नये अध्यादेश के प्रावधान
आपराधिक दंड संहिता प्रक्रिया, 1973 के अंतर्गत बच्चों से दुष्कर्म मामलों की जांच पहले तीन महीनों में पूरी करने का प्रावधान था. नये अध्यादेश में एेसे सभी मामलों में जांच की अवधि घटा कर दो महीने कर दी गयी है. इसके अलावा यह अध्यादेश 16 वर्ष के कम उम्र की लड़कियों से दुष्कर्म मामलों में अग्रिम जमानत पर रोक लगाता है.

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