रांची: झारखंड पुलिस का मोस्ट वांटेड उग्रवादी दिनेश गोप खूंटी जिला से बाहर निकल गया है. बाराती के रूप में वह खूंटी से निकला है. पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ऑपरेशन कारो के क्षेत्र से वह बाहर है. पुलिस के एक सीनियर अफसर ने ऑफ द रिकार्ड इस खबर की पुष्टि की है. उनके मुताबिक दिनेश गोप खूंटी से निकल कर गुमला जिले में चला गया है.
हालांकि पुलिस के ही एक सूत्र ने बताया है कि वह अब गुमला में भी नहीं है. वह छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश कर चुका है. पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप पर पांच लाख रुपये का इनाम है. मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती ने गत चार जुलाई को उसे जिंदा या मुर्दा पकड़ने का आदेश जारी किया था. ऑपरेशन में सीआरपीएफ, जैप, झारखंड जगुआर और जिला बल की 16 कंपनियों को लगाया गया है. ऑपरेशन के दौरान आसमान से नजर रखने के लिए पुलिस को सेना का दो हेलीकॉप्टर भी उपलब्ध कराया गया. दिनेश गोप के भाग निकलने की खबर के बाद खूंटी में अभियान भी कमजोर पड़ गया है.
पीएलएफआइ के खिलाफ अभियान एक नजर में
03 जुलाई: मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, आइजी अभियान खूंटी व रनिया गये.
04 जुलाई: पीएलएआइ के खिलाफ ऑपरेशन का प्लान बना.
05 जुलाई: अभियान शुरू, पुलिस ने पकड़े गये पांच उग्रवादियों को जेल भेजा.
07 जुलाई: आइजी एमएस भाटिया व डीआइजी प्रवीण सिंह खूंटी गये.
08 जुलाई: सीएस ने आइजी, डीआइजी, खूंटी, गुमला व सिमडेगा एसपी के साथ बैठक की.
09 जुलाई:मुख्य सचिव सेना के हेलीकॉप्टर से खूंटी गये. अभियान में दो हेलीकॉप्टर लगाया गया.
09 जुलाई: खूंटी पुलिस ने हथियार के साथ चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया.
10 जुलाई: खूंटी से चार व रनिया क्षेत्र से 14 पीएलएफआइ समर्थक गिरफ्तार.
11 जुलाई: विद्या विहार पब्लिक स्कूल के संचालन समिति के 10 सदस्य हिरासत में.
12 जुलाई: पुलिस ने करायी विद्या विहार पब्लिक स्कूल की मापी.
