फर्जी दस्तावेज पर रिम्स में दाखिला लेने आया था मेडिकल छात्र, धराया

रांची : रिम्स में फर्जी दस्तावेज पर नामांकन के प्रयास का मामला सामने आया है. त्रिपुरा के अभया नगर स्थित बुद्धा मंदिर अगरतल्ला का रहनेवाला अनुराग चक्रवर्ती अपने पिता सजल चक्रवर्ती के साथ गुरुवार सुबह इएनटी विभाग के पीजी में नामांकन कराने पहुंचा. वह अपने साथ नामांकन से संबंधित सभी दस्तावेज लेकर पहुंचा था. इन […]

रांची : रिम्स में फर्जी दस्तावेज पर नामांकन के प्रयास का मामला सामने आया है. त्रिपुरा के अभया नगर स्थित बुद्धा मंदिर अगरतल्ला का रहनेवाला अनुराग चक्रवर्ती अपने पिता सजल चक्रवर्ती के साथ गुरुवार सुबह इएनटी विभाग के पीजी में नामांकन कराने पहुंचा. वह अपने साथ नामांकन से संबंधित सभी दस्तावेज लेकर पहुंचा था. इन दस्तावेजों में रिम्स की रसीद, फीस जमा करने संबंधी कागजात और सीट आवंटन का भी दस्तावेज शामिल थे. लेकिन, जांच के दौरान उसके सभी दस्तावेज फर्जी पाये गये.

रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने पिता-पुत्र को अपने चैंबर में बुला कर पूछताछ शुरू की. मौके पर उन्होंने इएनटी विभाग के एडमिशन इंचार्ज को बुलाया और जांच की. लेकिन, पाया कि नामांकन सूची में उसका नाम ही नहीं है. इसके बाद निदेशक ने बरियातू थाना की पुलिस को बुलाया और पिता-पुत्र को पुलिस के हवाले कर दिया. निदेशक ने युवक के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज करायी है. पूछताछ के दौरान युवक ने बताया कि उससे नामांकन के नाम पर 15 लाख रुपये लिये गये हैं.
ऐसे पकड़ में आया मामला : रिम्स निदेशक ने बताया कि अनुराग और उसके पिता सजल गुरुवार कि सुबह लगभग 11 बजे रिम्स स्टूडेंट सेक्शन में रिम्स कर्मचारी संदीप से मिले और कहा कि उनका नामांकन कोल इंडिया के कोटे से रिम्स में हुआ है. उसने जरूरी दस्तावेज भी प्रस्तुत किये. उक्त छात्र के पास रिम्स में नामांकन के लिए जरूरी सभी दस्तावेज सही क्रम में थे. जब दस्तावेजों की जांच की गयी, तो पता चला की वह जाली है.
दस्तावेजों में सारे हस्ताक्षर भी जाली थे. इसके बाद निदेशक ने दोनों पिता-पुत्र को अपने कार्यालय में बुला कर पूछताछ की. अनुराग व उसके पिता ने निदेशक को बताया कि लगभग तीन महीने पूर्व उन्हें फोन करके रिम्स बुलाया गया था. तब दीपक, मनोज और खुद को एमसीआइ का प्रतिनिधि बतानेवाला उदय सिंह उनसे मिले थे. इन लोगों ने भरोसा दिलाया था कि रिम्स में उसका नामांकन रिम्स में हो जायेगा.
प्रबंधन ने युवक के खिलाफ बरियातू थाना में दर्ज करायी प्राथमिकी
रिम्स निदेशक ने युवक और उसके पिता को बरियातू थाने को सौंपा
हिरासम में लिए गये छात्र के मुताबिक ठगों ने उसे भरोसा दिलाया था कि उसका दाखिला रिम्स में हो जायेगा.
दाखिला लेने आये छात्र ने त्रिपुरा से किया है एमबीबीएस
रिम्स में एडमिशन लेने आये छात्र अनुराग चक्रवर्ती को रिम्स निदेशक द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर हिरासत में लिया गया है. उसने त्रिपुरा से एमबीबीएस किया है. उसके पिता सजल चक्रवर्ती ओएनजीसी में अधिकारी हैं. हिरासत में लिये जाने के बाद बरियातू पुलिस मामले की जांच कर रही है. बरियातू पुलिस के अनुसार जांच के बाद शुक्रवार को उसे जेल भेजे जाने की संभावना है.
पुलिस जांच में जुटी : अनुराग व उसके पिता द्वारा दिये गये बयान में बताया कि नामांकन के लिए उनलोगों ने 12 लाख रुपये ऑनलाइन के जरिये दिया है. इसके अलावा इनके द्वारा जिन तीन लोगों के नाम लिया है उनमें दीपक, उदय व मनोज का नाम शामिल है. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है.

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