तीन इंजीनियर को तीन साल की कैद, 1.15 लाख जुर्माना भी

रांची : अलकतरा घोटाले में तीन इंजीनियरों को सीबीआइ के विशेष जज एसके पांडे की अदालत ने तीन साल जेल की सजा सुनायी है. जिन्हें सजा मिली है उनमें आरइअो सिमडेगा के तत्कालीन असिस्टेंट इंजीनियर उमेश कुमार सिंह, जूनियर इंजीनियर उमेश पासवान व राजबली राम शामिल हैं. तीनों पर 1.15 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया […]

रांची : अलकतरा घोटाले में तीन इंजीनियरों को सीबीआइ के विशेष जज एसके पांडे की अदालत ने तीन साल जेल की सजा सुनायी है. जिन्हें सजा मिली है उनमें आरइअो सिमडेगा के तत्कालीन असिस्टेंट इंजीनियर उमेश कुमार सिंह, जूनियर इंजीनियर उमेश पासवान व राजबली राम शामिल हैं. तीनों पर 1.15 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर 30 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. यह मामला सीबीआइ कांड संख्या आरसी 21/09 से संबंधित है.

सीबीआइ के वरीय लोक अभियोजक राकेश प्रसाद ने बताया कि इस मामले के एक अौर अभियुक्त पवन कुमार सिंह (निदेशक, क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्रा लि) की मौत ट्रायल के दौरान हो चुकी है. गौरतलब है कि क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्रा लि को सिमडेगा के कुरडेग कुटमा कछार रोड के निर्माण का कार्य मिला था. सड़क की लंबाई 16.09 किमी थी. इंजीनियरों अौर कंपनी की मिलीभगत से 30 फर्जी चालान के जरिये 267 एमटी अलकतरा का घोटाला किया गया था.
यह घोटाला एक करोड़ 21 लाख 72 हजार रुपये का था. इसे 2004-2006 की अवधि के दौरान अंजाम दिया गया था. हाइकोर्ट के आदेश के बाद मामले में चार केस दर्ज किये गये थे. इनमें एक मामला आरसी 16/2009 में पूर्व में सजा हो चुकी है. दो अन्य मामले आरसी 15/2009 अौर आरसी 17/2009 अभियुक्तों के बयान के लिए एक अन्य कोर्ट में लंबित है. इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद केस किया गया था. आरसी 21/09 में सीबीआइ की अोर से 17 अौर बचाव की अोर से दो गवाही करायी गयी थी.

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