रांची : हाइकोर्ट ने मनी लाउंड्रिंग के आरोपी पूर्व स्वास्थ्य सचिव डॉ प्रदीप कुमार, राजेंद्र कुमार और ठेकेदार श्यामल चक्रवर्ती को को पीएमएलए के विशेष न्यायालय में सरेंडर करने का आदेश दिया है. इन अभियुक्तों को सरेंडर करने के लिए तीन जून तक का समय दिया गया है. प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर आरोप पत्र में वर्णित तथ्यों के आधार पर पीएमएलए कोर्ट ने इन अभियुक्तों के खिलाफ सम्मन जारी किया था.
पूर्व स्वास्थ्य सचिव सहित तीन को सरेंडर करने का आदेश
रांची : हाइकोर्ट ने मनी लाउंड्रिंग के आरोपी पूर्व स्वास्थ्य सचिव डॉ प्रदीप कुमार, राजेंद्र कुमार और ठेकेदार श्यामल चक्रवर्ती को को पीएमएलए के विशेष न्यायालय में सरेंडर करने का आदेश दिया है. इन अभियुक्तों को सरेंडर करने के लिए तीन जून तक का समय दिया गया है. प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर आरोप पत्र में […]

अदालत में हाजिर नहीं होने की वजह से सभी अभियुक्तों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था. वारंट जारी होने के बाद अभियुक्तों की ओर से हाइकोर्ट में अलग-अलग अग्रिम जमानत याचिका दायर की गयी थी. अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अभियुक्तों की ओर से हाइकोर्ट में क्रिमिनल अपील दायर की गयी. इसमें पीएमएलए कोर्ट द्वारा जारी वारंट को निरस्त करने का अनुरोध किया गया.
हाइकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद पीएमएलए कोर्ट द्वारा जारी गैर जमानती वारंट को स्थगित करते हुए अभियुक्तों को तीन जून तक पीएमएलए कोर्ट में सरेंडर करने का समय दिया. साथ ही यह भी कहा कि निर्धारित समय सीमा तक सरेंडर नहीं करने की स्थिति में पीएमएल द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को प्रभावी माना जायेगा.
क्या है मामला
दवा घोटाले में सीबीआइ द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आलोक में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने भी प्राथमिकी(इसीआइआर/12/ पटना/ 2012 और इसीआइआर/13/ पटना/ 2012 ) दर्ज की थी. इसमें प्रदीप कुमार पर अपनी नाजायज कमायी को जायज करार देने के लिए मनी लाउंड्रिंग का सहारा लेने का आरोप लगाया गया था.
जांच के बाद इडी ने प्रदीप कुमार पर मनी लाउंड्रिंग के सहारे अपने और अपने भाई राजेंद्र कुमार के नाम पर संपत्ति खरीदने से संबंधित साक्ष्य जुटाये. साथ ही मनी लाउंड्रिंग में मदद करने के लिए ठेकेदार श्यामल चक्रवर्ती के खिलाफ भी आरोप पत्र दायर किया. इसके बाद पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने अभियुक्तों के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था.