देवघर : सदर अस्पताल में इलाज के दौरान रिखिया थाना क्षेत्र के लुटियातरी गांव निवासी मुकेश महतो की पत्नी सुमिता देवी (35) की मौत हो गयी. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया. इलाज में डॉक्टर व एएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाया. सुमिता की मौत के बाद परिजन उसके इलाज संबंधी कागज व रिपोर्ट मांगने लगे. नहीं मिलने पर अस्पताल में मरीजों के बैठने के लिये लगायी गयी कुर्सियां तोड़फोड़ की.
सदर अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद हंगामा, तोड़फोड़
देवघर : सदर अस्पताल में इलाज के दौरान रिखिया थाना क्षेत्र के लुटियातरी गांव निवासी मुकेश महतो की पत्नी सुमिता देवी (35) की मौत हो गयी. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया. इलाज में डॉक्टर व एएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाया. सुमिता की मौत के बाद परिजन उसके इलाज […]

अस्पताल में करीब दो घंटे तक परिजनों ने हंगामा मचाया. बाद में नगर थाने के एएसआइ प्रमोद कुमार, शिशशंकर प्रसाद, बैद्यनाथधाम ओपी प्रभारी कोलाई कलुंडिया पीसीआर टीम व नगर थाना गश्तीदल के साथ अस्पताल पहुंचे. काफी प्रयास के बाद पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाकर शांत कराया.
अस्पताल व निजी क्लिनिक के अल्ट्रासाउंड में अंतर
मृतका के पति के अनुसार गुरुवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी का इलाज कराने सदर अस्पताल आया, जहां ऑन ड्यूटी महिला डॉ सुषमा वर्मा ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी. अस्पताल के ही लैब से अल्ट्रासाउंड कराया गया. रिपोर्ट में प्रसव का समय 20 जून 2019 बताया गया. रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर ने सुमिता को घर ले जाने की सलाह दी.
इसके बाद परिजन उसे घर ले गये. देर रात में अचानक उसके पेट में दर्द होने लगा तो परिजनों ने पुन: उसे इलाज के लिये सदर अस्पताल लाया. यहां लाने पर ऑन ड्यूटी एएनएम को महिला डॉक्टर बुलाकर सीजर कराने का अनुरोध किया गया. परिजनों की बात अनसुना करते हुए सुबह तक इंतजार करने को कहा गया.
इस दौरान रात भर सुमिता दर्द से कराहती रही. पति के मुताबिक उस दौरान एएनएम व किसी डॉक्टर ने उसकी पत्नी को नहीं देखा. सुबह 10 बजे तक भी उसका सीजर नहीं किया गया. ऐसे में दर्द से तड़पते-तड़पते सुमिता की जान चली गयी.