देवघर : साइबर ठगी में अब सीएसपी संचालकों का भी सहयोग अपराधियों को मिलने लगा है. ये सीएसपी संचालक चंद पैसों के लिए फर्जी खाता खोल कर साइबर ठगी के पैसे के ट्रांजेक्शन में सहयोग कर रहे हैं. इसके लिए उन्हें अपराधियों द्वारा कमीशन दिया जाता है. सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र से पकड़े गये साइबर आरोपितों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है. डीएसपी नेहा बाला के नेतृत्व में शुक्रवार को सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र में छापेमारी की गयी थी.
मौके पर से सीएसपी संचालक सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र के डुमरिया निवासी मो मुजफ्फर अंसारी सहित सफरोज अंसारी ढ़ोडवा निवासी रोहित मंडल को गिरफ्तार किया गया था. इस दौरान डुमरिया का ही सद्दाम अंसारी व मिश्राडीह निवासी मो अबरार भाग गया था. पुलिस के अनुसार मो अबरार भी सीएसपी संचालक है.
इस संबंध में इंस्पेक्टर संगीता कुमारी की शिकायत पर साइबर थाने में इन सभी के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गयी है. जिक्र है कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक मुजफ्फर व अबरार साइबर ठगी करते हैं और साइबर अपराधियों को फर्जी तरीके से पैसे निकालने में मदद करते हैं. वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर की गयी छापेमारी में इन तीनों की गिरफ्तारी हुई.
ठगी के पैसे की निकासी के बदले मिलता है कमीशन
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने पुलिस को बताया कि सफरोज, सद्दाम व रोहित साथ मिलकर साइबर अपराध करता है. ठगी के पैसे की निकासी ग्राहक सेवा केंद्र से कराता है और बदले में कमीशन भी लेता है.
सीएसपी संचालक अबरार भी इनलोगों के अवैध काम में साथ देता है. बायोमीट्रिक से लोगों का अंगूठा धोखे से लेकर फर्जी एकाउंट भी खोल ले रहा है. उसी एकाउंट में ठगी का पैसा डालता है. गिरफ्तार आरोपितों के पास से सात मोबाइल फोन सहित पांच एटीएम कार्ड, चार रुपे डेबिट कार्ड, चार एसबीआइ चेकबुक, बरामद किया गया था. राजस्थान व सिमडेगा के बैंक ऑफ इंडिया का दो अकाउंट का भी पता चला है. इसके अलावा सीएसपी में खोले गए अकाउंट बरामद किये गये हैं. सीएसपी के इस अकाउंट को एटीएम से लिंक किया गया था. प्रतिदिन 30-40 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन इसके माध्यम से किया जाता था, इसके लिए उसे साइबर अपराधियों से मोटी रकम बतौर कमीशन के रूप में प्राप्त होता था. अबतक उसने कितनी राशि की हेराफेरी की है, पुलिस इसका पता लगाने में जुटी है.
