जमशेदपुर: जल संसाधन मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि जब तक स्थानीय नीति पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं होगी, तब तक उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है. उसकी मूल कॉपी उन्हें नहीं मिली है. जो खबरें अखबारों के माध्यम से आ रही हैं, उसमें संशोधन की आवश्यकता है. इसके लिए सर्वदलीय बैठक के अलावा, बुद्धिजीवियों व समाजसेवी संगठनों की बैठक बुलायी जानी चाहिए.
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि विधान सभा चुनाव में नमो लहर का असर नहीं दिखेगा. इसमें क्षेत्रीय दल का प्रभाव रहता है. चुनाव में गंठबंधन तय है, लेकिन राजद झारखंड में किसके साथ गंठबंधन करेगा, यह पार्टी सुप्रीमो तय करेंगे. अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि खरकई नदी पर बननेवाले बहुप्रतीक्षित ईचा और कुजू डैम को लेकर गांववालों में विसंगतियां फैलायी जा रही हैं.
उन्हें यह बताया जा रहा है कि डैम से सौ से अधिक गांव डूब जायेंगे, जबकि पहले चरण में जितनी ऊंचाई डैम में रखी जायेगी, इससे 12-15 गांव ही प्रभावित होंगे. डैम का काम जितना जल्द पूरा होगा, आस-पास के लोगों को ज्यादा फायदा होगा. उन्होंने कहा कि जो गांव इसकी जद में आनेवाले हैं, उनकी जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजा व पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. सुवर्णरेखा परियोजना का काम जल्द पूरा हो, इसके लिए विभाग प्रयासरत है. जमीन अधिग्रहण के कुछ मामलों में दिक्कत है, जिसे जल्द सुलझा लिया जायेगा.
