IPL 2024 : महेंद्र सिंह धोनी का विकेट गंवाते ही चेन्नई सुपर किंग्स प्लेआफ की रेस से बाहर हो गई थी, जानें आरसीबी की जीत के 5 बड़े कारण

चेन्नई सुपर किंग्स की टीम आईपीएल के प्लेआफ से बाहर हो गई है और लगातार छठी जीत दर्ज कर आरसीबी की टीम प्लेआफ में पूरे आत्मविश्वास के साथ पहुंची है.

IPL 2024 : चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच शनिवार को खेले गए रोमांचक मैच में अंतत: बेंगलुरु की टीम विजयी हुई और प्लेआफ में पहुंचने वाली चौथी टीम बन गई. चेन्नई की टीम ना सिर्फ मैच हार गई बल्कि प्लेआफ में पहुंचने की जरूरी शर्त को भी पूरा नहीं कर पाई. आरसीबी ने जब जीत हासिल की और चेन्नई के एक बार फिर कप तक पहुंचने की कोशिश पर रोक लगाई तो महेंद्र सिंह धोनी निराश नजर आए. हालांकि हमेशा की तरह उन्होंने अपने इमोशन को जाहिर नहीं होने दिया और ग्राउंड से हट गए. महेंद्र सिंह धोनी के लिए आईपीएल का यह सीजन अंतिम हो सकता है. सीएसके शनिवार को आरसीबी से मैच हार गई अगर हम इसके कारणों की तलाश करें, तो महेंद्र सिंह धोनी का विकेट गिरना सबसे बड़ी वजह से रूप में सामने आएगा. इसके अलावा कुछ और भी कारण हैं जो चेन्नई की हार में बड़ी भूमिका निभाए, तो आइए जानते हैं उन पांच कारण को.

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सीएसके की हार के पांच बड़े कारण

  1. रुतुराज गायकवाड़ का शून्य पर आउट होना. सीएसके के कप्तान रुतुराज गायकवाडड़ जिस तरह से कल शून्य रन के स्कोर पर मैच के शुरू होते ही आउट हो गए, उसने कहीं ना कहीं आरसीबी का मनोबल बढ़ाया और सीएसके का घटाया, जिसकी वजह से टीम दबाव में आ गई.
  2. रचिन रविंद्र का रन आउट होना. जब टीम दबाव में हो और उस वक्त रचिन जो कि अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे, वे रन आउट हो गए. यह सीएसके की हार की कहानी की शुरुआत करने वाले कारक थे.
  3. आरसीबी के बैटर रजत पाटीदार की शानदार बैटिंग उन्होंने 23 गेंद में 41 रन बनाए.
  4. सबसे बड़ी और खास वजह थी महेंद्र सिंह धोनी का विकेट गिरना. इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता है कि अगर धोनी क्रीज पर होते, तो भले ही सीएसके मैच हार जाती, लेकिन प्लेआफ में पहुंचने से उसे कोई नहीं रोक सकता. लेकिन धोनी दयाल की पहली गेंद पर छक्का जड़ने के बाद दूसरी गेंद पर आउट हो गए. गेंद उनके बल्ले पर ठीक से आई नहीं और काफी ऊंची चली गई, जिसकी वजह से बाउंड्री पर फील्डर ने उसे लपक लिया.
  5. यश दयाल की डेथ ओवर में शानदार गेंदबाजी ने सीएसके के सपने को तोड़ दिया. पहली गेंद में धोनी से छक्का खाने के बाद यश ने शानदार गेंदबाजी की और ना सिर्फ धोनी को पवेलियन भेजा, बल्कि रविंद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी को दो गेंद पर दस रन बनाने से रोक दिया और उनकी टीम जीत गई.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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