Himachal Pradesh crisis: हिमाचल में कांग्रेस का संकट और बढ़ा, 11 विधायक पहुंचे उत्तराखंड

Himachal Pradesh crisis: छह बागी और तीन निर्दलीय विधायकों सहित 11 विधायक हिमाचल प्रदेश से उत्तराखंड पहुंचे हैं. इसके बाद कांग्रेस की सरकार टेंशन में आ गई है.

Himachal Pradesh crisis: क्या हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल अभी भी मंडरा रहे हैं. दरअसल, यह बात इसलिए कही जा रही है क्योंकि प्रदेश के छह बागियों सहित ग्यारह विधायक शनिवार को बीजेपी शासित राज्य उत्तराखंड पहुंचे हैं जिसके बाद सियासत एक बार फिर गरमा गई है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को हरियाणा की नंबर प्लेट वाली एक बस ऋषिकेश के ताज होटल पहुंची जिसमें में छह बागी और तीन निर्दलीय विधायकों सहित 11 विधायक नजर आए. बस की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे.

सुखविंदर सिंह सुक्खू गये थे दिल्ली

यहां चर्चा कर दें कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने कुछ दिन पहले हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को दिल्ली तलब किया था. खबरों की मानें तो सुक्खू राजनीतिक हालात पर रिपोर्ट पेश करने, के साथ-साथ लोकसभा चुनाव पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली गए थे. हिमाचल के सीएम से जब सवाल किया गया कि क्या छह बागी विधायकों को कांग्रेस में वापस लिया जा सकता है तो उन्होंने कहा कि यदि किसी को अपनी गलती का एहसास होता है तो उसे एक मौका दिया जा सकता है.

कैसे बढ़ा हिमाचल का राजनीतिक पारा

हिमाचल संकट के बीच मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा था कि उन्होंने कांग्रेस आलाकमान और विद्रोहियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई है. अब जो करना है वो शीर्ष नेतृत्व करेगा. उल्लेखनीय है कि पिछले महीने कांग्रेस में बगावत देखने को मिली थी. छह बागियों और तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के पक्ष में मतदान करने राजनीतिक पारा बढ़ा दिया था. इसका परिणाम यह हुआ था कि कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को हार का सामना करना पड़ा. बाद में छह विधायकों (सुधीर शर्मा, रवि ठाकुर, राजिंदर राणा, इंदर दत्त लखनपाल, चेतन्य शर्मा और देविंदर कुमार भुट्टो) को अयोग्य घोषित कर दिया गया था. स्पीकर के इस कदम के खिलाफ बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >