अंधेरी रात, बारिश और सूनसान सड़क...अचानक सामने आ गया शेरों का झुंड, कैमरे में कैद खौफनाक नजारा देख सिहर उठेगा बदन
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गुजरात के जूनागढ़ में बारिश के बीच सड़क पर 6 शेरों का झुंड देखा गया. खाड़िया रोड पर रात के सन्नाटे में अचानक शेरों को सड़क पार करते देख लोग चौंक गए. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
गुजरात के जूनागढ़ में बारिश के बीच सड़क पर एक साथ छह शेर दिखाई देने का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है. खाड़िया रोड से सामने आए इस वीडियो में शेरों का झुंड एक के बाद एक सड़क पार करता नजर आ रहा है. रात के समय अचानक सड़क पर इतने शेर दिखने से वहां मौजूद लोगों ने यह नजारा अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया.
एक-एक कर सड़क पार करते दिखे छह शेर
वीडियो में देखा जा सकता है कि अंधेरे के बीच सड़क के एक तरफ से शेर निकलते हैं और बिना किसी जल्दबाजी के दूसरी ओर चले जाते हैं. इस दौरान सड़क से गुजर रहे लोगों ने कुछ दूरी बनाकर रखी और पूरे घटनाक्रम को कैमरे में रिकॉर्ड किया.
वीडियो सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है.उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह घटना जूनागढ़ के खाड़िया रोड इलाके से जुड़ी बताई जा रही है.
बारिश में खुले इलाकों में क्यों दिखते हैं शेर?
गिर क्षेत्र और उसके आसपास एशियाई शेरों की मौजूदगी के कारण जूनागढ़ में इंसानी आबादी के नजदीक शेरों का दिखाई देना पूरी तरह असामान्य घटना नहीं है. बारिश के दौरान वन क्षेत्र के आसपास का वातावरण बदलने से वन्यजीव कई बार खुले इलाकों या जंगल से लगे रास्तों पर नजर आ सकते हैं.
गौतम कुमार वर्तमान में प्रभात खबर से जुड़े पत्रकार और लेखक हैं. वे राजनीति, इतिहास, साहित्य, खेल, कानून, लोक संस्कृति और मनोरंजन जैसे विविध विषयों पर लिखते हैं. इसके साथ-साथ ट्रेंडिंग, यूटिलिटी और वायरल हो रहे जरूरी विषयों पर भी लेखन करते हैं. रिपोर्टिंग या लेखन के दौरान उनका जोर केवल घटनाओं की जानकारी देने पर नहीं, बल्कि उसके पीछे की पृष्ठभूमि, सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ और उसके प्रभाव को समझाने पर रहता है.
अपने पत्रकारिता करियर में गौतम कुमार ने RealisticMedia और दैनिक भास्कर जैसे मीडिया संस्थानों के साथ मिलाकर 2 साल से अधिक समय तक काम किया है. पत्रकारिता के अलावा उन्हें डिजिटल कंटेंट लेखन, वीडियो स्क्रिप्टिंग और डिजिटल प्रोडक्शन का अनुभव भी है.
किताबों, फिल्मों और कहानियों में उनकी विशेष रुचि है. वे मानते हैं कि अच्छी किताब या अच्छी फिल्म मिलने के बाद बाकी दुनिया कुछ देर इंतजार कर सकती है. यही रुचि उनके लेखन में भी दिखाई देती है, जहां वे खबर और घटनाओं के पीछे छिपी कहानी को समझने और पाठकों के सामने उसे सरल और संदर्भपूर्ण तरीके से रखने की कोशिश करते हैं.
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