Gujarat Assembly: मानव बलि, अघोरी प्रथा या काला जादू करने पर 7 साल जेल, भरना होगा भारी जुर्माना, कड़ा कानून तैयार

Gujarat Assembly: गुजरात विधानसभा में गुरुवार को सर्वसम्मति से मानव बलि और काला जादू रोकथाम उन्मूलन विधेयक को पारित कर दिया.

Gujarat Assembly: गुजरात विधानसभा ने सर्वसम्मति से गुजरात मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई, अघोरी प्रथाओं और काला जादू रोकथाम और उन्मूलन विधेयक, 2024 पारित कर दिया. अगर कोई ऐसा करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उसे 7 साल की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा. विधेयक के अनुसार संज्ञेय और गैर जमानती होंगे. इसका उद्देश्य लोगों को बुरी और भयावह प्रथाओं से बचाना है.

कानून में क्या है सजा का प्रावधान

गुजरात मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई, अघोरी प्रथाओं और काला जादू रोकथाम और उन्मूलन विधेयक, 2024 में कई सजा के प्रावधान किए गए हैं. कानून के अनुसार कोई भी व्यक्ति इन अंधविश्वास को न तो खुद करेगा और न ही इसे बढ़ावा देगा. इस विधेयक में दोषी पाए गए व्यक्ति को 6 महीने से 7 साल तक की सजा का प्रावधान है. इसके अलावा 5 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है.

कानून के अनुसार क्या-क्या करना अपराध माना जाएगा

  • ‘भूत’ और ‘डायन’ को बाहर निकालने के बहाने
  • किसी व्यक्ति को रस्सी या जंजीर से बांधकर उस पर हमला करना. कोड़े से या डंडे से व्यक्ति की पिटाई करना अपराध माना जाएगा.
  • जूते-चप्पल भिगोकर पानी पिलाना, जलती हुई मिर्च का धुंआ सूंघाना, किसी व्यक्ति को छत से लटकाना, बाल उखाड़ना. किसी व्यक्ति के अंगों या शरीर पर किसी गर्म वस्तु से छूआना अपराध माना जाएगा.
  • किसी व्यक्ति के मुंह में जबरन मूत्र या मानव मल डालना
  • अमानवीय, दुष्ट और अघोरी प्रथाओं का पालन करना
  • किसी व्यक्ति पर हमला करना, ‘जरण-मरण’, ‘कर्णी’ या ‘चेतुक’ के नाम पर नग्न घुमाना.
  • भूतों का आह्वान करके या भूतों या चुड़ैलों का आह्वान करने की धमकी देकर आम जनता में दहशत पैदा करना.
  • कुत्ते, सांप या बिच्छू के काटने और अन्य बीमारियों के मामले में किसी व्यक्ति को चिकित्सा उपचार लेने से रोकना.
  • अंगुलियों से सर्जरी करने का दावा करना या गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग बदलने का दावा करना.
  • अलौकिक शक्तियों का आशीर्वाद प्राप्त करने के उद्देश्य से जीवन को खतरा या गंभीर चोट पहुंचाना.
  • किसी व्यक्ति द्वारा तथाकथित चमत्कार दिखाना और उससे पैसा कमाना. अपराध माना जाएगा.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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