Goldy Brar Shot Dead: अमेरिका में गोल्डी बराड़ की हत्या की खबर, सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस का था मास्टरमाइंड

Goldy Brar Shot Dead: सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस के मास्टरमाइंड गोल्डी बराड़ के मारेजाने की खबर आ रही है. बताया जा रहा है कि अमेरिका में गैंगस्टर की हत्या की गई.

Goldy Brar Shot Dead: अमेरिकी मीडिया के हवाले से खबर है कि गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की गोली मारकर हत्या की गई है. बताया जा रहा है कि मंगलवार 30 अप्रैल को शाम करीब 5:25 बजे बराड़ को गोली मारी गई. हालांकि अबभी तक बराड़ के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

दल्ला लखबीर ने हत्या की जिम्मेदारी ली

मीडिया के हवाले से खबर है कि गोल्डी बराड़ की हत्या की जिम्मेदारी दल्ला लखबीर ने ली है. लखबीर गैंग के सदस्यों ने बराड़ की गोली मारकर हत्या की.

जनवरी में भारत सरकार ने गोल्डी बराड़ को आतंकवादी घोषित किया था

कनाडा में रह रहे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को सरकार ने इसी साल एक जनवरी को आतंकवाद रोधी कानून के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया था. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा था कि पाकिस्तान स्थित एजेंसी से मदद पा रहा सतिंदरजीत सिंह उर्फ ​​गोल्डी बराड़ कई हत्याओं में शामिल रहा है और कट्टरपंथी विचारधारा का प्रसार करता था.

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फिरौती मांगने और कई मर्डर केस का आरोपी था बराड़

गोल्डी बराड़ राष्ट्रवाद समर्थक नेताओं को धमकी भरे फोन करने, फिरौती मांगने और विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर हत्याओं की जिम्मेदारी भी लेता रहा है. प्रतिबंधित बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा बराड़ हत्याओं को अंजाम देने के लिए सीमा पार से ड्रोन के जरिए आधुनिक हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री की तस्करी तथा आपूर्ति करने और ‘शार्पशूटर’ उपलब्ध कराने में भी शामिल रहा है.

बराड़ के खिलाफ इंटरपोल ने जारी किया था रेड कॉर्नर नोटिस

गोल्डी बराड़ पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब का निवासी है और वर्तमान में कनाडा के ब्रैम्पटन में रह रहा था. गृह मंत्रालय ने कहा आतंकवादी घोषित करने के बाद कहा था कि बराड़ और उसके सहयोगी पंजाब में तोड़फोड़, आतंकवादी मॉड्यूल को खड़ा करने, लक्षित हत्याओं और अन्य राष्ट्र विरोधी गतिविधियों सहित नापाक मंसूबों के माध्यम से शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और कानून व्यवस्था को बाधित करने की साजिश रचते रहे हैं. बराड़ को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के प्रमुख सदस्य के रूप में भी जाना जाता है और उसने 29 मई, 2022 को पंजाब के लोकप्रिय गायक मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी ली थी.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

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एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

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