सीनियर आईपीएस ऑफिसर एसएन श्रीवास्तव ने संभाला दिल्ली पुलिस आयुक्त का पदभार, कही ये बात...

हिंसा प्रभावित देश की राजधानी दिल्ली में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के मुख्यालय में दिल्ली डीजी (प्रशिक्षण) एसएन श्रीवास्तव को बीते मंगलवार को दिल्ली पुलिस में विशेष आयुक्त (कानून व्यवस्था) के पद पर नियुक्त किया गया था. शुक्रवार को अचानक उन्हें रिटायर हो रहे दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक का प्रभार सौंपा गया और फिर शनिवार को उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया.

नयी दिल्ली : सीनियर आईपीएस ऑफिसर एसएन श्रीवास्तव ने शनिवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त का पदभार संभाल लिया है. वे दिल्ली पुलिस के निवर्तमान आयुक्त अमूल्य पटनायक के रिटायर होने के बाद उनकी जगह पर पदस्थापित होंगे. हालांकि, निवर्तमान पुलिस आयुक्त पटनायक का कार्यकाल काफी विवादों में भी रहा है.

दिल्ली पुलिस का पदभार संभालने के साथ ही सीनियर आईपीएस ऑफिसर एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि शहर में शांति और सांप्रदायिक सद्भावना स्थापित करना मेरी पहली प्राथमिकता होगी. उन्होंने कहा कि हमने हत्या की धाराओं के साथ ही दंगा का केस दर्ज कर लिया है, इसलिए शहर में इस तरह की घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए. उन्होंने भरोसा देते हुए कहा कि हमारी कोशिश है कि इसमें शामिल आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके.

दरअसल, शुक्रवार को ही दिल्ली पुलिस के सीनियर आईपीएस ऑफिसर एसएन श्रीवास्तव को दिल्ली पुलिस का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया था. हिंसा प्रभावित दिल्ली में उनकी तैनाती दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (कानून व्यवस्था) के रूप में कर दी गयी थी. इसके पहले वे केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल (सीआरपीएफ) के मुख्यालय में दिल्ली डीजी (प्रशिक्षण) के पद पर तैनात थे. गृह मंत्रालय ने उन्हें तुरंत रिलीव करके विशेष आयुक्त बनाने का आदेश बीते मंगलार को जारी कर दिया था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >