Pollution News: दिल्ली में अब भी सांस लेना हो रहा दुभर, नहीं थम रहा वायु प्रदूषण

दिल्ली केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, दिल्ली में 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 295 दर्ज किया गया. गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का लेवल इस कदर बढ़ गया था कि दिल्ली सरकार ने प्राथमिक स्कूलों को बंद कर दिया था.

Pollution News : दिल्ली में प्रदूषण की समस्या खत्म ही नहीं हो रही है. आज यानी गुरुवार को भी राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई. हालांकि बीते कुछ दिनों की अपेक्षा दिल्ली में प्रदूषण बेहद खराब से ऊपर आया है. दिल्ली केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, दिल्ली में 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 295 दर्ज किया गया.

गौरतलब है कि दिल्ली में प्रदूषण की मार झेल रहे लोगों को थोड़ी राहत मिली है. दरअसल, दिल्ली के आसपास के इलाकों में छिटपुट बारिश के साथ-साथ पंजाब में पराली जलाने के मामलों में भारी कमी आने के बाद दिल्ली में प्रदूषण की मार में थोड़ी कमी आयी है. बता दें बुधवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ से ‘खराब’ श्रेणी में रिकॉर्ड की गयी.

स्काईमेट वेदर ने कहा है कि वायु प्रदूषण को कम करने के लिए तेज बारिश और तेज की जरूरत होती है. भारी बारिश प्रदूषकों के स्तर को कम कर देती है. वहीं मध्यम से तेज हवा आमतौर पर प्रदूषकों का बिखराव कर देती है इससे प्रदूषण से राहत मिलती है. गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का लेवल इस कदर बढ़ गया था कि दिल्ली सरकार ने प्राथमिक स्कूलों को बंद कर दिया था.

बता दें, शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा माना जाता है.  वहीं, 51 और 100 के बीच के एक्यूआई को संतोषजनक, 101 और 200 के बीते के एक्यूआई मध्यम माना जाता है. 201 और 300 के एक्यूआई  को खराब श्रेणी का. वहीं,  301 से 400 के बीत के एक्यूआई को बहुत खराब और 401 से  500 के बीच के एक्यूआई को गंभीर माना जाता है. 

भाषा इनपुट के साभार

Also Read: पूर्वोत्तर में चीन को टक्कर देगा भारतीय रेलवे का नेटवर्क, सीमावर्ती क्षेत्र से भूटान तक बिछेंगी पटरियां

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >