दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के मसले पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने प्रेस कॉफ्रेंस की. पीसी में उन्होंने कहा कि दिल्ली में 21 नवंबर तक सभी निर्माण और विध्वंस कार्य पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके अलावा सभी सरकारी विभाग के कर्मचारियों के लिए 21 नवंबर तक सौ फीसदी वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया गया है. इसके अलावा अगले आदेश तक सभी स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थान, प्रशिक्षण केंद्र और पुस्तकालयों को बंद कर दिया गया है.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि दिल्ली में फिलहाल 372 वाटर स्प्रिंकलिंग टैंक चल रहे हैं. जिनके पानी का छिड़काव होता है. वहीं, पानी का अधिक छिड़काव करने के लिए 13 ज्यादा प्रदूषण वाले इलाकों पर फायर ब्रिगेड की वाटर मशीनें लगाई जाएंगी. इसके अलावा उद्योगों में केवल गैस के उपयोग की अनुमति होगी. प्रदूषित ईंधन का उपयोग करते पाए जाने प्रशासन कार्रवाई करेगा.
प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए परिवहन विभाग 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों सड़कों से हटाया जाएगा. उन्होंने कहा कि पुलिस को इसकी सूची सौंप दी गई है. जल्द ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी. इसके अलावा पेट्रोल पंपों पर भी पीयूसी प्रमाणपत्र की जांच सघन जांच की जाएगी.
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि आवश्यक सेवाओं में शामिल वाहनों को छोड़कर दिल्ली में सभी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है. इसके अलावा दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ाने के लिए 1 हजार निजी सीएनजी बसों को किराए पर लेने की प्रक्रिया गुरूवार से शुरू की जाएगी.
Posted by: Pritish Sahay
