'लॉकडाउन अब और नहीं, सीखना होगा कोरोना संग जीना'

कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए देश में लॉकडाउन को दूसरी बार बढ़ा दिया गया है. और अब यह 40 दिन से ज्यादा हो चुका है. इसके कारण कारोबार और कई संयंत्र बंद हो चुके हैं

नयी दिल्ली : कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए देश में लॉकडाउन को दूसरी बार बढ़ा दिया गया है. और अब यह 40 दिन से ज्यादा हो चुका है. इसके कारण कारोबार और कई संयंत्र बंद हो चुके हैं. अर्थव्यवस्था की हालत भी बिगड़ती जा रही है. काम नहीं होने से बेरोजगारों की संख्या बढ़ गयी है. बाजार में लिक्विडिटी की कमी दिख रही है. संकट की इस घड़ी में देश के कई दिग्गज कारोबारियों ने लॉकडाउन से छूट देने की बात कही है. एचडीएफसी के प्रमुख दीपक पारेख से लेकर मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने भी राय दी है कि अब लॉकडाउन से छूट दे देनी चाहिए.

इन लोगों का कहना है कि नीति निर्माताओं को अब यह समझना है कि देश को अब संक्रमण के बीच ही रहना और काम करना सीखना होगा.एचडीएफसी प्रमुख ने कहा कि वायरस तब तक खत्म नहीं होनेवाला जब तक इसकी दवा नहीं मिल जाती है. उन्होंने कहा कि एक्सपर्ट्स के अनुसार भारत में कोरोना से मृत्यु दर अन्य देशों के मुकाबले काफी कम है. यह जरूरी हो गया है कि अब अर्थव्यवस्था को और न बिगड़ने दिया जाये.टीवीएस मोटर्स के चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन ने कहा कि बेरोजगारी के चलते मजदूर वर्ग बड़े दबाव में है. छोटे दुकानदारों और लघु उद्योगों से जुड़े लोगों की आजीविका के सवाल हमारे सामने हैं जिसे दरकिनार नहीं किया जा सकता.

मारुति सुजुकी के चेयरमैन ने कहा कि अब कारोबार को शुरू करने की जरूरत आ गयी है. आर्थिक गतिविधियों को शुरू किया जाये ताकि लोगों को फिर से काम मिले. काम के दौरान संक्रमण को रोकने के लिए सावधानियों को सख्ती से पालन करना चाहिए.कुछ दिन पहले इंफोसिस के मुखिया नारायणमूर्ति ने कहा था कि लॉकडाउन के कारण ऐसे ही काम बंद रहा तो कोरोना से ज्यादा लोगों की मौत भुखमरी से हो जायेगी.

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