-
घर-घर राशन योजना पर केजरीवाल केंद्र की सारी शर्तें मानने के लिए तैयार
-
घर तक राशन पहुंचाने की योजना का नहीं होगा कोई नाम
-
25 मार्च से योजना की होनी थी शुरुआत, पांच दिनों पहले ही केंद्र ने लगायी रोक
Doorstep delivery of ration : घर-घर राशन योजना पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल केंद्र सरकार की सारी शर्तें मानने के लिए तैयार हो गये हैं. उन्होंने आज बैठक के बाद कहा कि हम केंद्र की सभी शर्तें मानने के लिए तैयार हैं.
केजरीवाल ने कहा, घर तक राशन पहुंचाने की योजना का कोई नाम नहीं होगा. केन्द्र की सभी शर्तें मानने के लिए तैयार हैं. हालांकि केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि इसमें किसी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं करेंगे.
नहीं चाहिए कोई क्रेडिट
अरविंद केजरीवाल ने कहा, दिल्ली सरकार घर तक राशन पहुंचाने की योजना का कोई श्रेय नहीं लेगी. केजरीवाल ने कहा, उन्हें कोई क्रेडिट नहीं चाहिए. केंद्र सरकार को राशन योजना के नाम से तकलीफ थी. हम योजना Credit लेने के लिए नहीं लाए. दिल्ली सरकार का सिद्धांत है – काम हमारा, Credit तुम्हारा.
बैठक के बाद प्रेस वार्ता में केजरीवाल ने कहा, हमारा निर्णय है कि इस योजना का कोई नाम नहीं होगा. केंद्र सरकार की सभी शर्त मंजूर है. उम्मीद है अब केंद्र कोई अड़चन नहीं लगाएगी.
लोगों को लाइन में न लगना पड़े , इसलिए लायी थी योजना : केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा, कुछ वर्षों पहले हमने राशन को लेकर समाधान निकाला था कि अगर बोरी में पैक कर राशन घर तक पहुंचा दिया जाए, तो लोगों को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा.
क्या है मामला
दरअसल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा घर-घर राशन पहुंचाने की योजना शुरू करने से पांच दिन पहले ही केंद्र ने उसपर रोक लगा दिया था. केंद्र सरकार ने कहा, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सब्सिडी के आधार पर जारी खाद्यान्न का इसके लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 25 मार्च को सीमापुरी इलाके में 100 घरों तक राशन पहुंचाकर इस योजना की शुरुआती करने वाले थे.
दिल्ली सरकार को लिखे पत्र में, केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस जगन्नाथन ने कहा कि एनएफएसए के तहत वितरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा आवंटित सब्सिडी वाले खाद्यान्न को ‘किसी राज्य की विशेष योजना या किसी दूसरे नाम या शीर्षक से कोई अन्य योजना को चलाने में उपयोग नहीं किया जा सकता है.
हालांकि, अगर दिल्ली सरकार अपनी अलग योजना लाती है और उसमें एनएफएसए को नहीं मिलाया जाता है तो केंद्र को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी. अधिकारी ने दिल्ली सरकार की 20 फरवरी की अधिसूचना का हवाला दिया है जो पीडीएस के तहत घर घर राशन की डिलीवरी कराने की ‘मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना’ (एमएमजीजीआरवाई) के नाम से राज्य की विशिष्ट योजना है. आप ने कहा कि यह दुखद है कि केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार से ‘मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना’ रोकने को कहा है.
Posted By – Arbind kumar mishra
