Delhi Election 2025 : दिल्ली चुनाव में जेल रिटर्न उम्मीदवार, क्या रिजल्ट पर दिखेगा असर, जानें क्या कहते हैं राजनीतिक विशेषज्ञ

Delhi Election 2025 : दिल्ली में जेल जा चुके कई उम्मीदवार चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल का नाम भी शामिल है. जानें राजनीतिक विशेषज्ञ ने क्या कहा.

Delhi Election 2025 : दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार कई ऐसे उम्मीदवार हैं जो जेल रिटर्न हैं. आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल से लेकर लंबे समय से उनके करीबी मनीष सिसोदिया, दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन और शिफा-उर-रहमान तक का नाम इस लिस्ट में शामिल है. कई अन्य उम्मीदवार भी हैं जो अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जो भ्रष्टाचार और दंगों सहित विभिन्न मामलों में जेल जा चुके. राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, किसी उम्मीदवार के जेल जाने से नेता के रूप में उनकी लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ता है. कुछ मामलों में यदि किसी नेता को जेल में जाने से जनता की सहानुभूति मिलती है, तो ये जरूरी नहीं कि इसका वोट पर भी असर पड़ता देखे.

जेल जाने से उम्मीदवारों के चुनाव परिणाम पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता

दिल्ली यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर अभिषेक गिरि के अनुसार, जेल जाने से उम्मीदवारों के चुनाव परिणाम पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता है. उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, ‘‘कई नेताओं के खिलाफ कुछ न कुछ आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन इन सबका उनके चुनावी करियर पर असर नहीं पड़ता. जहां तक अरविंद केजरीवाल की बात है तो उन्हें भ्रष्टाचार विरोधी योद्धा के रूप में देखा जाता था, इसलिए भ्रष्टाचार के मामले में जेल जाना निश्चित रूप से उनकी राजनीतिक छवि पर दाग के रूप में देखा गया.’’

ये भी पढ़ें : ‘रेवड़ियों’ पर सिमटी दिल्ली में चुनावी चाल, पढ़ें राज कुमार सिंह का खास लेख

अरविंद केजरीवाल किस मामले में गए जेल?

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पिछले साल लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली शराब पॉलिसी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया था. लोकसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में प्रचार करने को लेकर उन्हें कुछ समय के लिए जमानत मिली थी. बाद में पिछले साल सितंबर में उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में इंट्री नहीं करने समेत कई अन्य शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दी गई थी. उन्होंने दो दिन बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि वह तभी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे जब जनता उन्हें ईमानदार घोषित करेगी. अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद पार्टी नेता आतिशी दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बनीं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >