अध्यादेश मामलाः सीएम अरविंद केजरीवाल की अपील पर कांग्रेस की आज बैठक, समर्थन पर पार्टी लेगी फैसला!

दिल्ली के सीएम केजरीवाल की कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की अपील पर कांग्रेस में आज बैठक है. इसमें कांग्रेस तय करेगी की आम आदमी पार्टी नेता सह दिल्ली के सीएम से मुलाकात करनी है या नहीं. हालांकि, कुछ कांग्रेसी नेता केजरीवाल से मुलाकात के पक्ष में नजर आ रहे हैं, तो वहीं कई नेताओं की राय इसके खिलाफ हैं.

केंद्र सरकार की ओर से जारी अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार दूसरे दलों का समर्थन जुटाने में लगी है. दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल विभिन्न दलों के नेताओं से मिल रहे हैं. इसी कड़ी में उन्होंने कांग्रेसी नेताओं से मुलाकात करने का समय मांगा था. अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेता राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगा है. जिस पर कांग्रेस आज कोई फैसला लेगी.

मुलाकात को लेकर कांग्रेस में आज बैठक
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से कांग्रेस के नेता मुलाकात करेंगे या नहीं इसको लेकर कांग्रेस में आज बैठक का आयोजन किया है. इस बैठक में कांग्रेस फैसला लेगी कि केजरीवाल की मुलाकात की अपील पर कांग्रेस का क्या रुख होगा. हालांकि, कुछ कांग्रेसी नेता केजरीवाल से मुलाकात के पक्ष में नजर आ रहे हैं, तो वहीं कई नेताओं की राय इसके खिलाफ हैं.

चर्चा के बाद कांग्रेस लेगी कोई फैसला
गौरतलब है कि केजरीवाल से मुलाकात को लेकर कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बीते दिनों कहा था कि अध्यादेश पर चर्चा को लेकर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की ओर से औपचारिक अनुरोध आया है, उसपर कोई फैसला पार्टी बैठक के बाद लेगी. उन्होंने ये भी कहा था कि पंजाब और दिल्ली कांग्रेस इकाई के साथ चर्चा के बाद ही कांग्रेस किसी नतीजे पर पहुंचेगी. वहीं, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल चौधरी ने इस मामले में केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि मुलाकात करना है या नहीं इसपर कांग्रेस आलाकमान फैसला करेगा.

Also Read: अंतरिक्ष में नये भारत की बड़ी छलांग, ISRO ने लॉन्च किया नेविगेशन सैटेलाइट NVS-01, जानें खासियत

अधिकारों की लड़ाई में समर्थन जुटा रहे हैं केजरीवाल
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार और एलजी के बीच अधिकारी की लड़ाई छिड़ी है. इस मामले में आम आदमी पार्टी की अपील पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जमीन, पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था को छोड़कर सारे अधिकार दिल्ली सरकार के अधीन कर दिया था. वहीं, इस फैसले के खिलाफ केन्द्र सरकार ने अध्यादेश लाकर फिर से स्थिति वही कर दी. अब केजरीवाल सभी विपक्षी दलों से मुलाकात कर अपील कर रहे हैं कि अध्यादेश को संसद से पारित न होने दें. इसी को लेकर उन्होंने ममता बनर्जी से लेकर उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी. 

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >