मिर्च की खेती से किसान ने कमाए ₹1.35 लाख, खर्च निकालकर 1 लाख का मुनाफा

छत्तीसगढ़ में किसान अब खेती के नए तरीकों को अपनाकर अच्छी कमाई कर रहे हैं. जशपुर के किसान प्रसन्न एक्का भी उन्नत तरीके से मिर्च की खेती कर रहे हैं. मिर्च बेचकर वह साल में करीब 1 लाख रुपये तक कमा लेते हैं.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है. इसी कड़ी में जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के करडीह गांव निवासी किसान प्रसन्न एक्का को भी योजना का लाभ मिला. उन्हें नाशपाती, लीची और मिर्च की खेती बढ़ाने के लिए मदद दी गई. यह सहायता शासकीय उद्यान रोपणी टेम्पू के माध्यम से राज्य पोषित राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत दी गई है. इससे किसान को खेती बढ़ाने और आमदनी बढ़ाने में मदद मिल रही है.

प्रसन्न एक्का ने सरकारी योजना के तहत 0.215 हेक्टेयर जमीन में सामुदायिक फेंसिंग का लाभ लिया. इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत नाशपाती और लीची की खेती शुरू की. उन्होंने अच्छी क्वालिटी के वीएनआर 305 मिर्च बीज का भी इस्तेमाल किया. इससे मिर्च की अच्छी पैदावार और बेहतर कमाई हुई.


ये भी पढ़ें: रिटायरमेंट के बाद खेती को बनाया मिशन, वर्मी कम्पोस्ट से बदली 5 एकड़ जमीन की तस्वीर; पढ़ें रामरतन की कहानी

खेत में हाइब्रिड मिर्च की खेती शुरू की प्रसन्न एक्का ने

प्रसन्न एक्का ने बताया कि वर्ष 2024-25 में फेंसिंग नहीं होने के कारण फसल की सुरक्षा करना मुश्किल था. उद्यानिकी विभाग की सलाह के बाद उन्होंने खेत में हाइब्रिड मिर्च की खेती शुरू की. इससे प्रति एकड़ करीब 15 क्विंटल मिर्च का उत्पादन हुआ. मिर्च बेचकर उन्हें करीब 1 लाख 35 हजार रुपये मिले. सभी खर्च निकालने के बाद उन्हें करीब 1 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ. उन्होंने बताया कि अब वह ड्रिप और मल्चिंग जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर खेती को और बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं. क्षेत्र के कई किसान भी मिर्च की खेती से अच्छी कमाई कर रहे हैं.

किसान प्रसन्न एक्का की इंटरक्रॉपिंग खेती को देखकर प्रभावित

ग्राम पंचायत करडीह और आसपास के गांवों के किसान प्रसन्न एक्का की इंटरक्रॉपिंग खेती को देखकर प्रभावित हो रहे हैं. किसान अब पौधरोपण और खेती की नई तकनीक अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं. कई किसान उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से जुड़कर खेती को बेहतर बनाने और अपनी आमदनी बढ़ाने की बात कह रहे हैं. विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं.

प्रसन्न एक्का की पूरी कहानी यहां पढ़ें क्लिक करके.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >