Video : छत्तीसगढ़ के कवर्धा में पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया. अभ्यर्थियों की मांग दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी करने को लेकर है. उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में खाली रह गई सीटों पर वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवारों को मौका दिया जाए. विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस भर्ती की पहली सूची और पहली वेटिंग लिस्ट पहले ही जारी की जा चुकी है. अब मामला दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी करने का है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने अपनी ओर से हर संभव प्रयास किया है. सरकार को पत्र भेजकर भी इस मुद्दे को उठाया गया है. प्रदर्शन का वीडियो न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक्स पर शेयर किया है. देखें वीडियो.
मामले को देखने के लिए एक टीम बनाई गई : विजय शर्मा
विजय शर्मा ने कहा कि दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी करने का अंतिम फैसला कैबिनेट को लेना है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मामले को देखने के लिए एक टीम भी बनाई है. उन्होंने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को टीम से मिलवाने की बात कही. साथ ही कहा कि अगर मामला राजनीतिक रूप लेता है, तो स्थिति अलग हो सकती है.
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सभी 1,940 खाली पदों को दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी कर भरा जाए. एक अभ्यर्थी ने कहा कि जब तक दूसरी सूची जारी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा और वे धरनास्थल नहीं छोड़ेंगे.
अभ्यर्थियों का प्रदर्शन क्यों?
कवर्धा में पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों का प्रदर्शन लगातार जारी है. अभ्यर्थी भर्ती में खाली पड़े पदों को भरने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा के आवास के बाहर डेरा डाल रखा है. अभ्यर्थियों का दावा है कि पुलिस भर्ती के लिए कुल 5,967 पद स्वीकृत किए गए थे, लेकिन इनमें से 1,940 पद अभी भी खाली हैं. उनका कहना है कि इन रिक्त पदों को दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी कर भरा जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों को मौका मिल सके.
अभ्यर्थियों का प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी है. गृह मंत्री विजय शर्मा के आवास के बाहर धरने पर बैठे एक अभ्यर्थी ने बताया कि जिला रिजर्व पुलिस बल में 5,967 पदों पर भर्ती का विज्ञापन निकला था. आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार अब तक करीब 4,367 पदों पर ही भर्ती हुई है. अभ्यर्थियों का दावा है कि 1,940 पद अभी भी खाली हैं. उनका कहना है कि कई उम्मीदवारों का चयन एक से ज्यादा जिलों में हुआ था. कुछ अभ्यर्थियों के नाम 8-9 जिलों की सूची में भी शामिल थे. ऐसे में कई पद खाली रह गए.
