CAA : केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल में भी लागू होगा सीएए, अमित शाह ने विपक्ष पर किया पलटवार

CAA: क्या सीएए आदिवासी क्षेत्रों की संरचना को बदलेगा. यह सवाल पूछे जाने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जरा भी नहीं. इसमें कोई सच्चाई नहीं है.

CAA : नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर खुलकर बात की है. उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात की और विरोधी दल पर जमकर निशाना साधा. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर कटाक्ष किया. पढ़ें आखिर अमित शाह ने क्या कहा

  • इंटरव्यू के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष के पास कोई दूसरा काम नहीं बचा है. सीएए को कभी भी वापस नहीं लिया जाएगा. इससे किसी की नागरिकता जाने वाली नहीं है. लोगों के बीच विपक्ष केवल अफवाह फैला रहा है.
  • सारे विपक्षी दल झूठ की राजनीति कर रहे हैं. चाहे वो असदुद्दीन ओवैसी हों, राहुल गांधी, ममता बनर्जी हों या अरविंद केजरीवाल केजरीवाल…इसलिए सीएए की टाइमिंग का महत्व नहीं है. बीजेपी ने 2019 में अपने घोषणापत्र में कहा था कि हम सीएए लाएंगे और हमने अपना वादा निभाया है. हम अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को नागरिकता देंगे.

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  • सीएए से इस देश के अल्पसंख्यकों या किसी और व्यक्ति को डरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सीएए में किसी की नागरिकता लेने का प्रावधान नहीं है. यह सिर्फ और सिर्फ तीन देश, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई और पारसी शरणार्थियों को नागरिकता देने का कानून है. इसके सिवा कुछ नहीं.
  • दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ‘शरणार्थियों को नागरिकता देने से चोरी और बलात्कार बढ़ेंगे’ वाले बयान पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बात की और उनपर जोरदार हमला किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री का भ्रष्टाचार उजागर हो गया है जिससे वे अपना आपा खो बैठे हैं. उन्हें पता नहीं है कि ये लोग भारत में आ चुके हैं और देश में रह रहे हैं. यदि उन्हें इतनी ही चिंता है तो वे बांग्लादेशी घुसपैठियों की बात क्यों नहीं करते…या फिर रोहिंग्या का विरोध क्यों नहीं करते? वे वोट बैंक की राजनीति करने वाले लोग हैं.
  • सीएए अधिसूचना को लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के बयान पर भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि मैं ममता बनर्जी को निवेदन करना चाहता हूं कि राजनीति नहीं करें. राजनीति करने के लिए और भी मंच मौजूद हैं. कृपया बांग्लादेश से आए बंगाली हिंदू का अहित न करें. आप भी एक बंगाली हैं.
  • AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा सीएए को ‘एंटी मुस्लिम’ कहे जाने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह कैसा तर्क है? मुसलमानों पर इसलिए धार्मिक प्रताड़ना नहीं हो सकती क्योंकि तीनों देश घोषित इस्लामिक राज्य हैं. इस कानून में NRC का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है.
  • सीएए को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उनको जनता को बताना चाहिए कि सीएए आखिर देश के खिलाफ कैसे है. जैसे हम लोगों को समझा रहे हैं कि यह देश के पक्ष में कैसे है.
  • केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल द्वारा कहा गया है कि वे इस कानून को अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगे. इसपर अमित शाह ने कहा कि हमारे संविधान के अनुच्छेद 11 में संसद ने नागरिकता के बारे में कानून बनाने का अधिकार केवल देश की संसद को दिया है. यह केंद्र का विषय है, केंद्र और राज्यों का साझा विषय नहीं है. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है चुनाव के बाद सभी सहयोग करेंगे.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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