Teachers' Day 2026 : पटना में शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों के लिए कई अहम बातें कहीं. उन्होंने कहा कि बिहार के शिक्षकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पटना आकर धरना-प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. शिक्षा विभाग शिक्षकों की समस्याओं का तेजी से समाधान करने की दिशा में काम कर रहा है.
शिक्षकों को पटना में धरना देने की नहीं पड़ेगी जरूरत
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षकों का कर्मक्षेत्र विद्यालय है और उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पटना आने की नौबत नहीं आनी चाहिए. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि बिहार के तमाम शिक्षकों की समस्याओं का समाधान जितनी तेजी से संभव हो, किया जाए.
मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग इस दिशा में पूरी तन्मयता से काम कर रहा है. उनका कहना था कि शिक्षक विद्यालय में रहकर बच्चों के भविष्य को गढ़ने का काम करें, जबकि विभाग उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जिम्मेदारी निभाएगा.
ई-शिक्षा कोष के माध्यम से शिक्षकों को भेजा गया पत्र
शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षा मंत्री ने एक और पहल का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि बिहार के सभी शिक्षकों को ई-शिक्षा कोष के माध्यम से तीन पन्नों का पत्र भेजा गया है. इस पत्र के जरिए शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देने के साथ-साथ उनकी जिम्मेदारियों का भी एहसास कराया गया है.
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने का काम नहीं करते, बल्कि वे बिहार के भविष्य को तैयार करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं.
शिक्षक ही गढ़ेंगे बिहार का स्वर्णिम भविष्य
शिक्षा मंत्री ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए कहा कि शिक्षक दिवस शिक्षकों की भूमिका और उनकी जिम्मेदारी को समझने का अवसर है. उन्होंने कहा कि एक शिक्षक स्वयं भी ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है और समाज में ऐसे विद्यार्थियों की बड़ी फौज तैयार कर सकता है, जो देश को आगे ले जाए.
उन्होंने कहा कि जब कोई बच्चा मां की गोद से निकलकर विद्यालय पहुंचता है, तब उसकी शिक्षा और भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षक के कंधों पर होती है.
विकसित बिहार के लिए छात्रों को तैयार करने की अपील
मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों से विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ अच्छे नागरिक बनने की भावना विकसित करने की अपील की. उन्होंने कहा कि यदि बिहार को समृद्ध और देश को विकसित बनाना है, तो छात्रों को शिक्षा के साथ शक्ति, संस्कार, जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना भी देनी होगी.
उन्होंने कहा कि बिहार कभी ज्ञान का बड़ा केंद्र रहा है और शिक्षकों की भूमिका से प्रदेश को एक बार फिर वैश्विक स्तर पर ज्ञान का केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है.
मुख्यमंत्री आज कर सकते हैं नई घोषणाएं
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री ने संकेत दिया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शिक्षकों के बीच नई घोषणाएं भी करने वाले हैं. इसी कारण उन्होंने अपने संबोधन को संक्षिप्त करते हुए मुख्यमंत्री को आगे संबोधन का अवसर दिया.
शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी समेत सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे.
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