बख्तियारपुर में बाढ़ से तबाही, पानी में डूबे दर्जनों ट्रक

VIDEO: बख्तियारपुर में बाढ़ से तबाही, 46 गांव जलमग्न; पानी में डूबे दर्जनों ट्रक-पोकलेन, घरों में घुसा कमर तक पानी

बख्तियारपुर इलाके में गंगा और सहायक नदियों के जलस्तर में भारी वृद्धि से हाहाकार मचा है. 46 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, घरों में कमर तक पानी घुस गया है. करोड़ों की निर्माण मशीनरी भी पानी में समा गई है.

Bihar Flash Flood : पटना के बख्तियारपुर इलाके में गंगा और आसपास की नदियों के बढ़ते जलस्तर ने हालात बिगाड़ दिए हैं. नदियों के उफान से कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं. बख्तियारपुर फोरलेन से सटे नत्था चक और आसपास के इलाकों में पानी भरने से करोड़ों रुपये की मशीनें और निर्माण सामग्री भी डूब गई हैं. मौके पर बड़े-बड़े पोकलेन, जेसीबी, ट्रक और सीमेंट निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें पानी में समा गई हैं.

46 गांव बाढ़ की चपेट में, हालात बेहद खराब

स्थानीय लोगों के मुताबिक, नत्था चक, सुकुलपुर, मुराजपुर, दौलतपुर और आसपास की कई पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है. ग्रामीणों का कहना है कि करीब 46 गांवों में स्थिति बेहद खराब है. कई जगहों पर घरों में पानी घुस गया है और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में परेशान हैं.

घरों में पानी घुसा, लोग दूसरी मंजिल पर रहने को मजबूर

बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि कई परिवार घरों की दूसरी मंजिल या छत पर रहने को मजबूर हैं. जिन घरों में रहना मुश्किल हो गया है, वहां से लोग जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं. वहीं, मवेशियों को बख्तियारपुर फोरलेन पर बांधकर रखा गया है.

मवेशियों के लिए चारे का भी संकट

ग्रामीणों के मुताबिक, बाढ़ के बीच सबसे बड़ी परेशानी मवेशियों को लेकर है. फोरलेन पर जानवरों को तो बांध दिया गया है, लेकिन उनके लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था नहीं हो सकी है. लोगों का कहना है कि न तो पर्याप्त चारा मिला है और न ही दूसरी जरूरी राहत सामग्री.

निर्माण स्थल बना बाढ़ के पानी का तालाब

बख्तियारपुर फोरलेन से सटे निर्माण स्थल की तस्वीरें बाढ़ की भयावह स्थिति को दिखा रही हैं. जहां कभी निर्माण कार्य चल रहा था, वहां अब चारों तरफ पानी ही पानी है. दर्जनों ट्रक, बड़े पोकलेन और जेसीबी मशीनें पानी में डूबी हुई हैं. सीमेंट तैयार करने वाली भारी मशीनें भी पानी में डूब चुकी हैं.

लाखों-करोड़ों के नुकसान का दावा

स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी भरने से निर्माण स्थल पर मौजूद भारी मशीनरी और वाहनों को बड़ा नुकसान हुआ है. कई मशीनें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं. हालांकि नुकसान की आधिकारिक राशि अभी सामने नहीं आई है.

धान और गेहूं की फसल बर्बाद होने का आरोप

बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में लगी धान और गेहूं की फसल पानी में डूब गई है. एक ग्रामीण ने बताया कि उसकी पूरी फसल बर्बाद हो गई. किसानों का कहना है कि पानी लंबे समय तक रहने से फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है.

राहत और प्रशासनिक मदद की ग्रामीणों ने लगायी गुहार

बाढ़ प्रभावित लोगों ने प्रशासन और सरकार से तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में खाने-पीने का सामान, मवेशियों के लिए चारा और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचायी जानी चाहिए. लोगों ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लेकर राहत व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है.

पानी के बीच आवाजाही भी बनी बड़ी चुनौती

बाढ़ के पानी से घिरे इलाकों में लोगों के आने-जाने की भी समस्या बढ़ गयी है. ग्रामीणों के अनुसार, कई जगहों पर पानी के बीच से होकर ही लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है. जरूरी सामान पहले से जमा कर रखने वाले परिवार किसी तरह अपना गुजारा कर रहे हैं.

बाढ़ की तस्वीरें बता रही हैं तबाही की कहानी

बख्तियारपुर के प्रभावित इलाकों में जिस तरह बड़े-बड़े ट्रक और निर्माण मशीनें पानी में डूबी नजर आ रही हैं, उससे बाढ़ की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है. स्थानीय लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं और वे अब प्रशासन से तत्काल राहत की उम्मीद कर रहे हैं.

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By विवेक सिंह

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