बिहार बाढ़ पर सियासी घमासान, मंत्री बोले- सम्राट चौधरी ने बचाया बिहार

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बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा, वहीं मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रयासों का बचाव किया.

Samrat Choudhary on Bihar Flood : बिहार में नेपाल की बारिश और नदियों के उफान से पैदा हुई बाढ़ की स्थिति को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार मस्त है और बाढ़ से जनता त्रस्त है. इसके जवाब में बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने सरकार का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रयासों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने समय रहते पानी की निकासी के लिए जरूरी कदम उठाए, जिससे बिहार में बड़ी तबाही टल सकी.

मंत्री बोले- सम्राट चौधरी ने रातभर जागकर संभाली स्थिति

भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि नेपाल में पानी आने की खबर के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे थे. उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने रातभर जागकर बिहार को बाढ़ से बचाने के लिए अधिकारियों के साथ स्थिति की निगरानी की.

मंत्री ने दावा किया कि सभी जरूरी फाटकों को खुलवाकर पानी की निकासी करायी गयी. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पानी की निकासी नहीं होती तो बिहार में स्थिति और गंभीर हो सकती थी.

नेपाल की बारिश का असर बिहार की नदियों पर

मंत्री ने कहा कि बिहार में बाढ़ की स्थिति का एक बड़ा कारण नेपाल से आने वाला पानी है. उत्तर बिहार की कई नदियों में नेपाल में भारी बारिश के बाद पानी का प्रवाह बढ़ जाता है, जिसका असर बिहार के निचले इलाकों में दिखाई देता है.

उन्होंने कहा कि इस बार भी नेपाल में आई त्रासदी का असर बिहार में देखने को मिला. हालांकि, सरकार की ओर से किए गए प्रयासों के कारण स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया गया है और कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है.

फसल नुकसान पर सरकार कर रही आकलन

तेजस्वी यादव की ओर से मक्का, सब्जी और अन्य फसलों के नुकसान को लेकर उठाए गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के नुकसान को लेकर गंभीर है. उन्होंने कहा कि बाढ़ से कितनी सब्जी और मक्का की फसल प्रभावित हुई है, इसका आकलन कराया जा रहा है.

भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि फसल नुकसान का अध्ययन होने के बाद प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा. उन्होंने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सरकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है, सरकार किसानों की चिंता कर रही है.

बाढ़ खत्म होने के बाद बीमारी का भी खतरा

मंत्री ने बाढ़ के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर भी लोगों को सावधान किया. उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.

उन्होंने मछली खाने को लेकर भी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की. मंत्री ने कहा कि जब तक बाढ़ की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए. हालांकि, मछली के बारे में कही गई बात को लेकर स्थानीय प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक सलाह का पालन करना जरूरी होगा.

रघुपुर के बाढ़ पीड़ितों की गुहार पर भी बोले मंत्री

बाढ़ प्रभावित रघुपुर इलाके में लोगों की परेशानी का मुद्दा भी बातचीत के दौरान उठा. ग्रामीणों ने सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि राजनीतिक विवाद अपनी जगह है, लेकिन वे आम जनता हैं और उन्हें बाढ़ से बचाने के लिए तत्काल मदद चाहिए.

इस पर मंत्री ने कहा कि बिहार में बाढ़ कोई नई समस्या नहीं है. नेपाल से आने वाले पानी और उत्तर बिहार की नदियों के उफान के कारण हर साल कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनती है. उन्होंने कहा कि इस बार सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए काम किया है.

तेजस्वी के आरोपों पर मंत्री का पलटवार

भगवान सिंह कुशवाहा ने तेजस्वी यादव के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि बाढ़ के दौरान राजनीति करने के बजाय पहले जमीनी स्थिति को समझना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.

मंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को सहायता और मुआवजा देने की प्रक्रिया सरकार की प्राथमिकता में है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन किसानों और परिवारों को बाढ़ से नुकसान हुआ है, उनके नुकसान का आकलन कर नियमानुसार राहत उपलब्ध करायी जाएगी.

बिहार में बाढ़ का पानी कई इलाकों में धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन खेतों में जमा मलबा, फसल नुकसान और जलजनित बीमारियों का खतरा अभी भी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है. ऐसे में सरकार के सामने तत्काल राहत के साथ-साथ प्रभावित किसानों और परिवारों तक सहायता पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है.

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By विवेक सिंह

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