Bihar Health System: बिहार के भोजपुर जिले में स्थित कोईलवर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है. सोमवार शाम करीब 5:00 बजे अचानक अस्पताल की बिजली गुल हो गई, जिसके बाद पूरी इमरजेंसी सेवा ठप पड़ गई.
जनरेटर में खत्म था तेल, मोबाइल टॉर्च बनी सहारा
बिजली कटने के बाद जब बैकअप की जरूरत पड़ी, तो अस्पताल का जनरेटर भी चालू नहीं हो सका. जांच करने पर पता चला कि जनरेटर में तेल ही खत्म था. इसी बीच अस्पताल पहुंचे एक घायल बच्चे का इलाज करने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों के पास कोई विकल्प नहीं बचा. लाचारी में डॉक्टर और कर्मियों ने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर बच्चे के जख्मों पर टांके लगाए.
अंधेरे में चढ़ाई गई सलाइन, 35 मिनट बाद आया तेल
केवल टांके ही नहीं, बल्कि अंधेरे और भीषण गर्मी के बीच दो अन्य मरीजों को भी मोबाइल की रोशनी में ही आरएल (सलाइन) चढ़ाई गई. करीब 35 मिनट तक अस्पताल अंधेरे में डूबा रहा. बाद में जब बाहर से तेल मंगवाकर जनरेटर में डाला गया, तब जाकर बिजली आपूर्ति बहाल हुई.
अधिकारियों की बेरुखी और फोन न उठाने का आरोप
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल में इस तरह की लापरवाही आए दिन होती रहती है. जब इस गंभीर स्थिति में परिजनों ने अस्पताल प्रबंधक और प्रभारी को फोन किया, तो उन्होंने कॉल तक रिसीव नहीं किया. इस घटना ने सरकारी दावों और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोलकर रख दी है.