रेलवे बोर्ड की हरी झंडी का इंतजार, अगले माह कोसी महासेतु होकर सहरसा से दरभंगा के लिए चलेंगी ट्रेनें

एक अप्रैल से ललितग्राम तक ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो रही है और कहा जा रहा है कि इसी साल के मई या जून माह में फारबिसगंज तक लाइन चालू करने की रेल प्रशासन की योजना है. जिसके पूरा होने के बाद आसाम से दिल्ली के लिए एक नया रूट मिल जायेगा.

दरभंगा. ट्रेन पर सवार होकर सहरसा से कोसी महासेतु होकर दरभंगा आने का सपना अब कभी भी पूरा हो सकता है. बताया जा रहा है कि अप्रैल में इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन आरंभ हो जायेगा. एक अप्रैल से ललितग्राम तक ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो रही है और कहा जा रहा है कि इसी साल के मई या जून माह में फारबिसगंज तक लाइन चालू करने की रेल प्रशासन की योजना है. जिसके पूरा होने के बाद आसाम से दिल्ली के लिए एक नया रूट मिल जायेगा.

रेलवे बोर्ड से तिथि आते ही रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन होगा शुरू

इस संबंध में समस्तीपुर मंडल के डीआरएम आलोक अग्रवाल ने कहा कि सहरसा से दरभंगा तक ट्रेन सेवा शुरू करने के लिए अगले सप्ताह रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा जायेगा. रेलवे बोर्ड से तिथि आते ही इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा. अगले माह में ट्रेनों के परिचालन शुरू होने की पूरी उम्मीद है. इस रेलखंड के चालू होने से सहरसा से सुपौल, सरायगढ़, निर्मली, झंझारपुर होकर दरभंगा तक सफर सुगम हो जायेगा. फिर लौकहा ब्रॉडगेज के काम को तेजी से पूरा कराने पर रेल प्रशासन का फोकस रहेगा.

नये रूट से समय और पैसे की होगी बचत

नये रूट पर ट्रेनों के परिचालन से पूर्णिया और सहरसा प्रमंडल के यात्रियों को मानसी, खगड़िया, समस्तीपुर होकर दरभंगा या जयनगर नहीं जाना पड़ेगा. सहरसा से सुपौल, झंझारपुर होकर दरभंगा तक ट्रेन परिचालन बहाल होने के बाद कोसी और दरभंगा प्रमंडल का सफर कम समय और पैसे में तय होगा. करोड़ों की आबादी को इस फायदा मिलेगा.

1471 करोड़ की लागत से हो रहा आमान परिवर्तन

उन्होंने कहा कि 1471 करोड़ की लागत से चल रहे सहरसा-फारबिसगंज-सकरी-निर्मली-लौकहा (206) किलोमीटर आमान परिवर्तन का कार्य भी पूरा होने की स्थिति में है. फिलहाल सहरसा से राघोपुर तक पैसेंजर ट्रेनें चल रही है, लेकिन एक अप्रैल से ट्रेन ललितग्राम तक जायेगी.

पटरी जोड़ने का काम पहले ही हो चुका है पूरा

इस रेलखंड में ललितग्राम-नरपतगंज करीब 12 किमी के हिस्से में ब्लास्ट पैकिंग मशीन एक से दो दिन में चलने लगेगा. ट्रैक पर ब्लास्ट गिराने के साथ ही इस रेलखंड के आमान परिवर्तन का कार्य पूरा हो जायेगा. पटरी जोड़ने का काम पहले ही पूरा कर लिया गया है. इसी साल जून तक फारबिसगंज तक लाइन चालू करने की हमारी योजना है.

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